
Doctor's workshop on modern research
छतरपुर. बुन्देलखण्ड में मिर्गी और प्रोस्टेट कैंसर के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। पर्यावरण में हो रहे परिवर्तन, खानपान एवं शारीरिक विषमताओं के कारण इन रोगों के मरीजों में इजाफा हो रहा है।
यदि इन बीमारियों के शुरूआती लक्षण समय पर चिन्हित कर लिए जाएं तो आधुनिक रिसर्च और एमआरआई सीटी स्कैन की भूमिका के साथ इन रोगों का इलाज समय रहते किया जा सकता है। इसी विषय पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के द्वारा एक कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें बाहर से आए दो विशेषज्ञ चिकित्सकों डॉ. यशपाल सिंह बुन्देला एवं डॉ. सुदर्शन रावत ने स्थानीय डॉक्टरों के समक्ष अपना प्रेजेंटेशन दिया।
मणिपाल हॉस्पिटल बैंगलोर से आए वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट डॉ. सुदर्शन रावत ने प्रोस्टेट कैंसर के परीक्षण पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 60 साल की आयु के बाद प्रोस्टेट कैंसर की बीमारी बहुत कॉमन बीमारी होती जा रही है। बीमारी के लक्षण एमआरआई की मदद से पकड़े जा सकते हैं और आधुनिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से इसका इलाज किया जा सकता है। इसी तरह मैक्स हॉस्पिटल नई दिल्ली में पदस्थ वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. यशपाल सिंह बुन्देला ने मिर्गी के उपचार, उसके लक्षणों और प्रारंभिक प्रबंधन की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि ऐपीलेप्सी को सीटी स्कैन या एमआरआई की मदद से डायग्नोस किया जा सकता है। बुन्देलखण्ड में मिर्गी के बढ़ते मामलों से कई परिवार परेशान हैं। चिकित्सकों का स्वागत आईएमए जिला इकाई के अध्यक्ष डॉ. एलसी चौरसिया एवं सचिव डॉ. शरद चौरसिया ने किया। इस कार्यशाला का आयोजन बुन्देलखण्ड हेल्थकेयर छतरपुर के द्वारा किया गया था। कार्यक्रम में चिकित्सक डॉ. सुभाष चौबे, डॉ. सुरेन्द्र सिंह बुन्देला, डॉ. एसके दीक्षित, डॉ. एचपी अग्रवाल, डॉ. एमपीएन खरे, डॉ. आभा खरे, डॉ. सुषमा खरे, डॉ. गायत्री नामदेव, डॉ. कपिल खुराना, डॉ. व्हीपी शेषा, डॉ. शकुंतला चौबे, डॉ.रचना चौरसिया, डॉ. राजेश जैन, डॉ. पीयूष जैन, डॉ. सुनील चौरसिया, डॉ. नीरज पाठक, डॉ. विजय पथौरिया, डॉ. हृदेश खरे, डॉ. निर्देश खरे, डॉ. सतीश चौबे, डॉ. एसके धमनियां, नीरज चौरसिया, विनय चौरसिया सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
Published on:
03 Jun 2019 11:00 am
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