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अतिवृष्टि से जिले में राजनगर में सर्वाधिक एवं लवकुशनगर में सबसे कम नुकसान

अतिवृष्टि से जिले में 292 करोड़ रुपए की फसलों का नुकसानजिला प्रशासन ने सर्वे रिपोर्ट के आधार पर सरकार को भेजा राशि का मांग पत्र

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effect of heavy rainfall on crops

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छतरपुर। अतिवृष्टि के कारण जिले में इस वर्ष खरीफ की फसलों के नुकसान का सर्वे पूरा हो चुका है। जिला प्रशासन ने सर्वे के आधार पर मुआवजा के लिए मांग पत्र भी राज्य सरकार को भेज दिया है। जिले में सबसे ज्यादा फसल नुकसान राजनगर क्षेत्र में हुआ है,जबकि लवकुशनगर में सबसे कम नुकसान पाया गया है। राजनगर में सबसे ज्यादा 54 करोड़ रुपए मुआवजा राशि बांटी जाएगी, वही, लवकुशनगर के किसानों को 12 करोड़ रुपए मुआवजा राशि मिलेगी। सर्वे के मुताबिक खरीफ फसल का लगभग 100 फीसदी नुकसान हुआ है। जिले के 4 लाख 46 हजार 544 हेक्टेयर क्षेत्र में बोई गई उड़द, तिली और सोयाबीन की फसलें लगभग पूरी तरह चौपट हो गई हैं। जिला प्रशासन की ओर से गठित किए गए सर्वे दलों के लगभग 1300 सदस्यों ने एक महीने तक चले सर्वे के बाद जिला प्रशासन को सौंपी रिपोर्ट में बताया है कि जिले के लगभग 4 लाख हेक्टेयर में बोयी गई फसलें पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं। इस रिपोर्ट में साढ़े तीन लाख किसानों की फसलों का नुकसान बताया गया है। इन किसानों को मुआवजा राशि के रूप में 292 करोड़ रूपए वितरित किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है। जिला प्रशासन ने इस प्रस्ताव के साथ सरकार से राशि की मांग के लिए डिमांड लेटर शासन को भेज दिया है।
ऐसे तय की गई है मुआवजा राशि
दो हेक्टेयर से कम भूमि वाले छोटे किसानों को 25 से 33 फीसदी के फसल नुकसान में 5 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर के मान से मुआवजा दिया जाएगा। इसी तरह से 33 से 50 फीसदी के फसल नुकसान पर 8 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर, 50 फीसदी से अधिक के नुकसान पर 16 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा मिलेगा। वहीं, दो हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले बड़े किसानों को 25 से 33 प्रतिशत फसलों के नुकसान पर 4500 रुपए प्रति हेक्टेयर और 33 से 50 प्रतिशत फसलों के नुकसान पर 6800 रुपए प्रति हेक्टेयर मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, 50 प्रतिशत से अधिक के नुकसान पर 13600 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा वितरित किए जाने का प्रस्ताव भेजा गया है।
इस तरह तहसीलवार बांटा जाएगा मुआवजा
जिले की 11 तहसीलों में हुए नुकसान का आंकलन करने के बाद तहसीलवार कुल मुआवजा जिला प्रशासन द्वारा राशि तय की गई है। जिसके अनुसार छतरपुर तहसील के किसानों को 51 करोड़ रुपए का मुआवजा देने का प्रस्ताव है। वहीं,राजनगर के किसानों को 54 करोड़ रुपए, बिजावर के लिए 22 करोड़ रुपए,बड़ामलहरा के लिए 17 करोड़ रुपए, लवकुशनगर के लिए 12 करोड़ रुपए, महाराजपुर के लिए 20 करोड़ रुपए, चंदला के लिए 14 करोड़ रुपए मुआवजा वितरित करने का प्रस्ताव है। वहीं, नौगांव के किसानों को 20 करोड़ रुपए, घुवारा के किसानों के लिए 21 करोड़ रुपए, गौरिहार क्षेत्र में मुआवजा के लिए 24 करोड़ रुपए और बक्स्वाहा इलाके के किसानों को फसल नुकसान के लिए 32 करोड़ रुपए का मुआवजा दिए जाने का जिला प्रशासन ने प्रस्ताव भेजा है।
फैक्ट फाइल
जिले में कुल बुबाई क्षेत्र- 4 लाख 46 हजार 544 हेक्टेयर
जिले में कुल क्षेत्र में नुकसान- 4 लाख हेक्टेयर
कितने किसान हुए प्रभावित - 3.50 लाख किसान
सरकार से मांगी गई राशि- 292 करोड़ रूपए
सर्वे में लगे कुल कर्मचारी- 1300 लगभग
उड़द, तिली में नुकसान- 100 प्रतिशत
सोयाबीन में नुकसान- 50 प्रतिशत