छतरपुर. महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय छतरपुर की अध्यनशालाओं के लिए नवीन सत्र 2023-24 के लिए एमपी ऑनलाइन के माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया जारी है। लेकिन नए शुरु किए गए 8 नए कोर्स में एक भी एडमिशन नहीं हो पाए हैं। एडमिशन की वैधानिक अनुमति में देरी के चलते पहले चरण में ये विषय शामिल नहीं हो सके। अब दूसरे चरण में बीएससी विद फॉरेंसिक साइंस, बीएससी विद कम्प्यूटर साइंस, कम्प्यूटर एप्लीकेशन माइक्रोबायोलॉजी, बीबीए, एमबीए, एमएससी कंप्यूटर साइंस, एम एस सी माइक्रोबायोलॉजी में एडमिशन किया जाएगा।
पहले राउंड में 1920 छात्रों ने लिए एडमिशन
यूनिवर्सिटी ने 6475 सीटों पर पहले चरण में 3258 आवेदकों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया। इनमें से 1920 छात्रों ने दस्तावेजों का सत्यापन और फीस जमा करके एडमिशन कराया है। वहीं दूसरे चरण के लिए पंजीयन कराने वाले छात्रों की संख्या 2255 रही है।
महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी छतरपुर के कैंपस में एडमिशन की प्रक्रिया चल रही है। प्रबंधन ने 6 हजार 475 सीटों के लिए एडमिशन होना है, लेकिन ऑनलाइन एडमिशन (एमपी ऑनलाइन के माध्यम से) के पहले राउंड में मात्र 1920 एडमिशन ही हो सके हैं।
छह जिले के कॉलेज विश्वविद्यालय से हैं संबद्ध
महाराजा कालेज को मर्ज कर शुभारंभ किए गए विश्वविद्यालय की संबद्वता छतरपुर सहित छह जिलों में है। पहले पांच जिले छतरपुर, दमोह, पन्नाा, सागर, टीकमगढ़ आते थे, लेकिन पूर्व के वर्षों में निवाड़ी जिला अलग हुआ है। ऐसे में निवाड़ी जिले के कालेजों की संबद्वता भी महाराजा छत्रसाल बुेंदलखंड विश्वविद्यालय से है। इन जिलों के 172 कॉलेज व उनसे जुड़े डेढ लाख स्टूडेंट महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं।
सात वरीयता करानी होगी दर्ज
आईटी प्रभारी डॉ एचसी नायक के अनुसार विश्वविद्यालय की विभिन्न अध्ययनशालाओं में संचालित पाठ्यक्रमो में प्रवेश चाहने वाले आवेदकों को ऑनलाइन लिंक के माध्यम से पंजीयन करने के उपरांत, पाठ्यक्रमो के चयन हेतु अपनी वरीयता लॉक करनी होगी। आवेदक एक साथ अधिकतम 07 पाठ्यक्रमों की वरीयता लॉक कर सकेंगे। पंजीयन के लिए आवेदक को अपनी फोटो, हस्ताक्षर, 10वी, 12वी की अंकसूची, निवास एवं जाति प्रमाणपत्र की मूल प्रति की स्कैन कॉपी को अपलोड करना होगा। वरीयता लॉक करने के बाद आवेदक को पंजीयन शुल्क एवं पोर्टल शुल्क ऑनलाइन जमा करना अनिवार्य होगा। मध्यप्रदेश बोर्ड से उत्तरीण विद्यार्थियों का आवेदन ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से डाटा का सत्यापन कर लिया जाएगा।
अन्य बोर्ड के स्टूडेंट का भी ऑनलाइन सत्यापन
सीबीएसई या अन्य बोर्ड के विद्यार्थियों को जिनके आवेदन ऑनलाइन सत्यापित नही होंगे उन्हें विश्वविद्यालय के यूटीडी में आने की आवश्यकता नही होगी। उनके द्वारा अपलोड किए गए दस्तावेजों के आधार पर अध्ययनशालाओं के सत्यापन अधिकारी ऑनलाइन सत्यापित कर देंगे। किन्तु अपलोडिड डाक्यूमेंट्स सही नही पाए जाने पर सत्यापन निरस्त होने की स्तिथि में आवेदक को सत्यापन हेतु स्वयं अपने मूल प्रमाण पत्र लेकर सत्यापन करवाना होगा।
इनका कहना है
जुलाई माह शुरू हुआ है अब छात्र एडमिशन कराने आएंगे। बीएड और डीएड की काउंसलिंग भी साथ-साथ चल रही है। कुछ छात्र उसमें भी भाग ले रहे हैं। एडमिशन की तारीख जरूरत पढऩे पर बढ़ाएंगे। यूएलसी के दो राउंड कराएंगे। उम्मीद है सभी सीटें भर जाएंगी।
डॉ. एसडी चतुर्वेदी, कुलसचिव, विश्वविद्यालय छतरपुर