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बिजली कंपनी और जनपद पंचायत छतरपुर कार्यालय में वर्क फ्रॉम होम से बचेंगे 3 लाख रुपए

बिजली कंपनी के दफ्तर में 15 और जनपद में 8 कर्मचारियों को करा सकते हैं वर्क फ्रॉम होमबिजली बिल, कार्यालय संचालन में 30 फीसदी और नकर्मचारी के फ्यूल पर होने वाली राशि की होगी बचत वर्क फ्रॉम होम

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Work from home

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छतरपुर। शासकीय कार्यालयों में वर्क फ्र ाम होम लागू करके शासन के खर्च में 30 फीसदी की हर महीने या हर साल बचत की जा सकती है। शासकीय कार्यालयों में ऑनलाइन काम करने वाले 30 फीसदी स्टाफ के वर्क फ्रॉम होम करने से कार्यालयों में 30 फीसदी जगह की बचत के साथ ही खर्च में भी कमी आएगी। वर्क फ्रॉम होम से कर्मचारी के व्यक्तिगत खर्च में भी कमी लाई जा सकती है। इसके साथ ही काम का आउटपुट भी बढ़ाया जा सकता है। जिला मुख्यालय स्थित बिजली कंपनी के दफ्तर और जनपद पंचायत में 30 फीसदी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम कराने से 3 लाख रुपए सालाना खर्च की बचत की जा सकती है।

एमपीईबी कार्यालय मे ंहर साल बचा सकते हैं 2 लाख रुपए
शहर के छत्रसाल चौराहा के पास स्थित एमपीईबी कार्यालय करीब ७ हजार वर्ग फीट में फैला हुआ है। इसके साथ ही कई एकड़ जमीन का परिसर भी है। विभाग की खुद की संपत्ति होने से किराया नहीं लगता है। कार्यालय में डीई, ईई, जेई, बाबू सहित करीब करीब ५० से अधिक लोगों का स्टाफ है। यहां पर बिजली सप्लाई से संबंधित कार्य, योजनाओं पर कार्य, बिल बनाना, रीडिग़ लेना, शिकायतों का निराकरण करना, नए कनेक्शन देना, मेंटिनेंस, बिल जमा करना सहित कई कार्य संचालित किए जाते हैं। कार्यालय में एक दर्जन से अधिक कम्प्यूटर हैं। सभी कर्मचारी के लिए पंखा कूलर आदि लगा है। यहां पर बिजली खर्च करीब १५ हजार से अधिक हर महीने होता है। कार्यालय के संचालन में हर साल 5 लाख रुपए तक का खर्च आता है। कार्यालय में ऑनलाइन वर्किंग करने वाले 13 से 15 लोगों को वर्क फ्रॉम होम कराने से बिजली खर्च में हर महीने करीब 4 हजार से 5 हजार रुपए की बचत की जा सकती है। इसी के साथ कार्यालय के संचालन पर हर साल खर्च होने वाले 5 लाख में से डेढ लाख हर साल बचाया जा सकता है। इस तरह से कंपनी का खर्च सालाना 2 लाख रुपए हर साल बच सकता है। वहीं कर्मचारियों के फ्यूल पर हर महीने खर्च होने वाले 1000 रुपए की व्यक्तिगत बचत भी हो सकती है। कर्मचारी हर साल 12 हजार रुपए की बचत कर सकते हैं। वहीं वर्क फ्रॉम होम होने से काम की गुणवत्ता व मात्रा में भी सुधार आएगा।


जनपद पंचायत छतरपुर में 1 लाख से ज्यादा की होगी सालाना बचत
४ हजार वर्गफीट में बने में संचालित जनपद पंचायत छतरपुर के कार्यालय में पंचायतों से संबंधित कामकाज किए जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्र के विकास, योजनाओं का क्रियांवयन, दिशा निर्देश, राशि आबंटन, मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन समेत पंचायतों के सभी तरह के काम किए जाते हैं। कार्यालय में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, इंजीनियर, पीसीओ, बाबू, कम्प्यूटर ऑपरेटर सहित २५ से अधिक कर्मचारी हैं। जिनके लिए पंखे-कूलर और कंप्यूटर लगाए गए हैं। पंचायत की योजनाएं ऑनलाइन होने से जनपद पंचायत का अधिकतर कार्य ऑनलाइन किया जाता है। कार्यालय भवन के बिजली बिल पर हर महीने ६ से ८ हजार रुपए खर्च होते हैं। वहीं, कार्यालय संचालन व मेंटीनेंस पर हर साल 4 लाख रुपए तक का खर्च आता है। कार्यालय में ऑनलाइन वर्किग करने वाले 7 से 8 कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम कराने से कार्यालय में 400 से 500 वर्गफीट जगह बचाई जा सकती है। इसके साथ ही बिजली बिल में हर महीने 2 से ढाई हजार रुपए और सालभर में 24 हजार से अधिक की बचत की जा सकती है। वहीं कार्यालय संचालन के खर्च में हर साल 1 लाख रुपए तक की बचत की जा सकती है। सिर्फ 7 से 8 कर्मचारियों के वर्क फ्रॉम होम होने से कार्यालय पर हर साल होने वाले खर्च में सवा लाख की बचत की जा सकती है। वहीं कर्मचारियों को फ्यूल के खर्च में हर साल 10 से 12 हजार रुपए तक की बचत होगी।