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खजुराहो रेलवे स्टेशन पर शुरू होगा ईवी चार्जिंग स्टेशन, यात्रियों को मिलेगी नई सुविधा

ईवी चार्जिंग सुविधा खजुराहो के अलावा ललतिपुर. उरई और बांदा स्टेशन में देने की तैयारी है। इसके लिए नीलामी प्रक्रिया 13 मई 2025 को संपन्न होगी।

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khajuraho station

खजुराहो रेलवे स्टेशन

छतरपुर. पर्यावरण संरक्षण और यात्री सुविधाओं को बढ़ावा देने की दिशा में खजुराहो रेलवे स्टेशन पर अब ईवी चार्जिंग स्टेशन की सुविधा शुरू की जा रही है। झांसी मंडल द्वारा परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग के लिए की जा रही ई-नीलामी प्रक्रिया के तहत खजुराहो समेत अन्य स्टेशनों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन की स्थापना की जा रही है। ईवी चार्जिंग सुविधा खजुराहो के अलावा ललतिपुर. उरई और बांदा स्टेशन में देने की तैयारी है। इसके लिए नीलामी प्रक्रिया 13 मई 2025 को संपन्न होगी।

सुविधा के साथ पर्यावरण संरक्षण होगा


यह सुविधा इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग को देखते हुए शुरू की जा रही है, जिससे पर्यटन नगरी खजुराहो आने वाले यात्रियों को हरित और आधुनिक परिवहन विकल्प मिल सके। ईवी चार्जिंग स्टेशन के शुरू होने से न केवल यात्रियों को सहूलियत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत की दिशा में भी यह एक अहम कदम साबित होगा।

मंडल रेल प्रबंधक दीपक कुमार सिन्हा ने बताया ईवी स्टेशन के अलावा झांसी मंडल द्वारा परिसंपत्ति प्रबंधन के अंतर्गत विभिन्न मदों में संपत्तियों की ई-नीलामी की जा रही है।

  • 9 ट्रेनों के 10 एसएलआर कोच (1 मई को) और 1 ट्रेन के 2 एसएलआर कोच (9 मई को) की नीलामी।
  • उरई स्टेशन पर रेल कोच रेस्टोरेंट (2 मई को)।
  • ग्वालियर स्टेशन पर वाटर वेंडिंग मशीन का ठेका (5 मई को)।
  • 4 ट्रेनों के बाहरी हिस्सों और 2 ट्रेनों के भीतरी हिस्सों पर विज्ञापन अधिकार (13 मई को)।
  • दतिया, डबरा, मुरैना, महोबा, मऊरानीपुर, छतरपुर और खजुराहो स्टेशनों पर आउटडोर विज्ञापन अधिकार।
  • चित्रकूट, उरई, भीमसेन और खजुराहो के रेलवे ओवरब्रिजों पर विज्ञापन अधिकार।
  • डिजिटल और गैर-डिजिटल मीडिया के माध्यम से कई स्टेशनों पर विज्ञापन अवसर।
  • एलईडी फ्लैंज के माध्यम से 5 स्टेशनों पर प्रचार का मौका।

निष्क्रिय परिसंपत्तियों से आय की योजना


इस पूरे अभियान का उद्देश्य रेलवे की निष्क्रिय परिसंपत्तियों का उपयोग कर राजस्व वृद्धि, नए व्यापार स्रोत और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना है। झंासी मंडल द्वारा यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध ई-नीलामी प्रणाली के तहत की जा रही है। रेलवे प्रशासन का मानना है कि इस तरह की योजनाएं न केवल आय में वृद्धि करेंगी, बल्कि स्मार्ट और पर्यावरण-संवेदनशील रेलवे सिस्टम की दिशा में भी बड़ा कदम साबित होंगी।