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रैक आने के बाद भी नहीं मिल रही राहत, वितरण में हो रहीं अनियमितताओं से किसानों में आक्रोश

– लवकुशनगर, चंदला समेत कई जगहों पर प्रदर्शन, रकबा के हिसाब से यूरिया देने की मांग छतरपुर. किसानों को यूरिया खाद का वितरण सही ढंग से न होने से किसान परेशान हैं। पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध न होने से जिले भर में किसान आक्रोशित होने लगे हैं। इसके लिए किसान प्रदर्शन भी कर रहे […]

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लाइन में खड़े किसान

लाइन में खड़े किसान

- लवकुशनगर, चंदला समेत कई जगहों पर प्रदर्शन, रकबा के हिसाब से यूरिया देने की मांग

छतरपुर. किसानों को यूरिया खाद का वितरण सही ढंग से न होने से किसान परेशान हैं। पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध न होने से जिले भर में किसान आक्रोशित होने लगे हैं। इसके लिए किसान प्रदर्शन भी कर रहे हैं और प्रशासन से खाद मुहैया कराने की मांग कर रहे हैं। बीते तीन दिन से जिला मुख्यालय में सटई रोड पर किसानों ने प्रदर्शन किया। रविवार को 2635 मीट्रिक टन यूरिया की रैक आने के बाद भी किसानों को खाद नहीं मिल पाया है और वे परेशान हो रहे हैं।

लवकुशनगर में प्रदर्शन

खाद न मिलने से लवकुशनगर में किसानों ने प्रर्दशन किया। किसानों की मांग है कि उन्हें रकबा के हिसाब से यूरिया नहीं दिया जा रहा है। वहीं काउंटर में टोकन के बाद भुगतान प्रक्रिया में देरी होने से किसानों में रोष है। समय से खाद न मिलने से किसानों को परेशानी हो रही है।

शनिवार को पहुंची थी खाद

शनिवार दोपहर 2635 मीट्रिक टन यूरिया की रैक पहुंची, जिसके बाद रविवार से किसानों को खाद का वितरण शुरू किया गया। बगौता मंडी परिसर में तीन काउंटर लगाकर टोकन प्रणाली के तहत किसानों को यूरिया दिया जा रहा है। प्रत्येक किसान को दो-दो बोरी यूरिया वितरित की जा रही है। सोमवार को खाद के लिए किसानों को मशक्कत करनी पड़ी। किसानों ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से यूरिया की कमी से परेशान थे, जिससे खेती-किसानी के काम प्रभावित हो रहे थे।

सुबह 4 बजे से घर से निकल रहे किसानों का कहना है कि वे सुबह 4-5 बजे ही घर से निकल आए थे और बिना नाश्ता किए लाइन में खड़े रहे। कुछ किसानों को मंडी परिसर में ही नाश्ता करते देखा गया। टोकन प्रणाली के तहत शूटर रूट स्थित मंडी में टोकन दिखाने पर ही यूरिया दिया जा रहा है। किसानों ने बताया कि वे स्वयं खेतों में सिंचाई और अन्य कार्यों में लगे हुए हैं, जबकि बच्चे मंडी में लाइन लगाकर यूरिया प्राप्त कर रहे हैं।