छतरपुर. जिले में वन क्षेत्र को बढ़ाने के लिए वन विभाग ने पौधरोपण का टारगेज लगभग दो गुना कर दिया है। वन विभाग ने इस बार 7 लाख 10 हजार पौधे रोपित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, उक्त पौधों को संरक्षण करने के लिए 20 करोड़ रुपए से अधिक की राशि भी खर्च होगी। हालांकि इसके पहले विगत वर्ष 2022 में भी 4 लाख 90 हजार पौधों का रोपण हुआ था। इस वर्ष विगत वर्ष की अपेक्षा पौधरोपण में बढोत्तरी की गई है।
हर छह माह पर होगी पौधों की जांच
डीएफओ वीपी दौतानिया ने बताया कि वनों की रक्षा करना सबका कर्तव्य है। यदि भी लोग क्नों का संरक्षण नहीं कर पा रहे हैं तो अपने घर और आसपास के क्षेत्र में जरूर पौधरोपण करें, ताकि वातावरण हरा-भरा हो सके। वातावरण को शुद्ध बनाए रखने के लिए पौधरोपण बहुत जरूरी है। हर वर्ष ही तरह इस वर्ष भी विभाग पौधरोपण के संरक्षण के लिए तत्परता से कार्य करेगा। रोपित पौधों को हर 6 माह में जांच होती है और उनके संरक्षण का पूरा प्रयास किया जाता है। इसमें 50 फीसदी से अधिक ही पौधे रहते हैं, इससे कम कभी नहीं होते। इस वर्ष से पौधरोपण करने के लिए वन विभाग तैयार तैयारियां की जा रही हैं। उनका यह कार्य बारिश के होते ही शुरू हो जाएगा।
कम घने इलाकों में होगा पौधरोपण
जिले में वन विभाग ऐसे इलाकों में पौधरोपण करेगा, जहां पेड़-पौधे कम मात्रा में हैं। इस साल विशेष प्लान के तहत बकस्वाहा के जंगलों की 113 हेक्टेयर जमीन में पौधरोपण होग, ताकि बकस्वाहा में सघन वन क्षेत्र और बढ़ सके। इसके अलावा बकस्वाहा के जंगलों की देखरेख और संरक्षण के लिए भी विभाग द्वारा अलग से बजट इस सत्र में जारी किया गया। वन विभाग के अनुसार बकस्वाहा के जंगल का पूरी तरह से संरक्षण किया जा रहा है. आगे भी बकस्वाहा के वन क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा। वन विभग की पूर्व की रिपोर्ट के अनुसार सघन वन क्षेत्र को लेकर छतरपुर वन मंडल को प्रदेश स्तर पर सराहना मिली है। डीएफओ के अनुसार इस साल दिसंबर माह में फिर से रिपोर्ट आएगी, उससे अब छतरपुर वन मंडल की वर्तमान स्थिति स्पष्ट होगी।
हर साल लगा रहे चार से पांच लाख पौधे
जिले में वर्ष 2019 के बाद करीब 25 लाख पौधे रोपे गए हैं। वन विभाग पौधारोपण कर वन क्षेत्र को बढ़ाने के प्रयास में लगा है। इसके लिए वर्ष 2019 में सवा चार लाख पौधों का 280 हेक्टयेर में रोपण किया गया। वहीं, 2020 में 5.61 लाख पौधे 580 हेक्टेयर में रोपे गए। जबकि 2021 मे 2200 हेक्टेयर में 10 लाख पौधे लगाए गए। वहीं वर्ष 2022 में 9लाख 90 हजार पौधे लगाए गए।