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कोरोना वॉरियर बने गणपति, मरीजों की सेवा और सैनिटाइजेशन करते नजर आए

धार्मिक आस्था में भी कोविड-19 की इंट्रीगणेश उत्सव पर घरों में पूजे जा रहे गजानन, प्रतिमा पर कोरोना के माहौल का दिख रहा असर

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chhatarpur ganeshotsav 2020

chhatarpur ganeshotsav 2020

छतरपुर। धार्मिक आस्था में भी अब कोविड 19 ने इंट्री पा ली है। गणेश उत्सव के दौरान मंदिरों के बंद होने और सार्वजनिक उत्सव के रोक के बाद घर पर विराजे गणपति को अलग ही रूप दिया जा रहा है। इसमें किए जा रहे नवाचार में युवा आगे हैं। जिन्होंने गणेश भगवान को कोरोना वॉरियर से लेकर वायरस संहारक तक का रूप दे दिया है।
छतरपुर शहर के बगौता रोड पर वैष्णों नगर में रहने वाले गौरव जडिय़ा उर्फ गोलू के घर स्थापित की गई गणेश प्रतिमा लोगों का खास ध्यान खींच रही है। गोलू ने प्रतिमा का निर्माण खुद किया है। इसमें बहुमंजिला अस्पताल का बैकग्राउंड बनाया गया है। सामने एक बेड दिखाया गया है, जिसपर लेटे एक मरीज का गणेश भगवान इलाज करते नजर आ रहे हैं। वहीं, अस्पताल के सामने कोविड 19 का बोर्ड भी लगा है। सबसे अधिक दिलचस्प भगवान गणेश की सवारी मूषक के हाथ में मेडिकल टे्र की प्रतिमा है। गोलू ने बताया कि वे अपनी प्रतिमा के माध्यम से कोरोना वॉरियर के प्रति भी आभार प्रदर्शित कर रहे हैं।

गणपति दे रहे सेनेटाइजर और मास्क
छतरपुर की पावनी मिश्रा ने अपने हाथ से घर पर ही मिट्टी के गणेश बनाए हैं। खास बात ये है कि पावनी के गणपति हाथों में त्रिशूल लेकर जहां कोरोना का संहार कर रहे हंै तो वहीं दूसरे हाथ से आशीर्वाद के रूप में मास्क और सेनेटाइजर भी दे रहे हैं। 8 साल की पावनी को प्रतिमा बनाने की प्रेरणा अपने पिता पवन मिश्रा से मिली। पावनी ने यूट्यूब पर इस प्रतिमा के निर्माण का वीडियो भी डाला और लोगों से पीओपी की प्रतिमाएं न रखने की अपील की। साथ ही कोरोना वायरस से बचने के लिए नियमों के पालन का भी आग्रह किया।