
Giving native drink Coolness Traditional taste
छतरपुर। शहर के लोगोंं की जुवान पर फिर से देशी शीतल पेय का स्वाद घुलने लगा है। कैमिकलयुक्त कोल्ड ड्रिंक को भूलकर लोग नमकीन छाछ, लस्सी, शिकंजी, नीबू पानी और जलजीरा सहित तमाम तरह से स्वाद और सेहत भरे पेय पदार्थों के सेवन में रुचि दिखा रहे हैं। यही वजह है कि शहर में अब इस कारोबार को लेकर संभावनाएं बढ़ गई हैं। गर्मी आते ही शहर में जगह-जगह गन्ना के रस और जलजीरा की दुकानें सज गई हैं। आइसक्रीम के साथ ही शीतलता देने वाले पेय पदार्थ भी लोगों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बने हैं। शहर में कुछ स्थानों पर एक ही साथ कई तरह के स्वाद देने वाले देशी शीतल पेय मिल रहे हैं। लोग सुबह से लेकर शाम तक तरह-तरह के स्वाद के साथ अपने गलों को तर कर रहे हैं।
शहर के छत्रसाल चौक पर देशी शीतल पेय बेचने वाले आशीष महाराज ने बताया कि लोगों में अब परंपरागत और देशी शीतल पेय को लेकर फिर से रुचि बढ़ रही है। लोग कोल्ड ड्रिंक से दूर होकर छाछ, लस्सी, आम का पना, जलजीरा से लेकर सभी तरह के ऐसे शीतल पेय पसंद कर रहे हैं जो न सिर्फ स्वाद में बेहतर हो बल्कि सेहत के लिए भी अच्छे माने जाते हैं। शहर के लोगों की डिमांड के कारण ही उन्होंने विदेशी शीतल पेय बेचना बंद करके देशी शीतल पेय का काम शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि हर दिन उनके यहां सौ से लेकर डेढ़ सौ ग्राहक ऐसे आते हैं जो केवल देशी शीतल पेय मांगते हैं। कई ग्राहक अलग-अलग बैरायटी के सभी शीतल पेय पीकर जाते हैं। तो कुछ लोगों की पसंद बेल का शर्बत और कच्चे आम का पना है। आशीष महाराज बताते हैं कि लोगों को परंपरागत स्वाद का शीतल पेय पिलाकर इस बात का संतोष मिलता है कि कम से कम लोगों को अच्छे स्वाद के साथ ही अच्छी सेहत भी वे दे पा रहे हैं। उनके पास 10 रुपए से लेकर 30 रुपए तक के देशी शीतल पेय सुबह 8 से लेकर राम 9 बजे तक उपलब्ध रहते हैं।
स्वाद के हिसाब से बढ़ते चले गए :
शहर के लोग पहले लस्सी, छाछ या फिर जलजीरा जैसे देशी शीतल पेय ही ज्यादा पसंद करते थे। लेकिन विदेशी कंपनियों के कोल्ड ड्रिंक से होने वाले नुकसान के बारे में लोगों को पता चला तो वे फिर देशी पेय पदार्थों की ओर मुखातिब हुए। ऐसे में इस व्यवसाय से जुड़े लोगों ने ग्राहकों को नए-नए स्वाद देने के लिए प्रयोग किए। अब देशी शीतल पेय की लिस्ट लंबी हो चली है। शहर के छत्रसाल चौक पर एक साथ दर्जनभर से ज्यादा बैरायटी के शीतल पेय मिल रहे हैं। लस्सी, मैंगो शेक , बनाना शेक के अलावा शिकंजी, नीबू पानी, जलजीरा, चुकंदर का जूस, बेल-काली मिर्च का शर्बत, आंवले का जूस, कच्चे आम का पना, मीठा पना, पुदीना का शर्बत सहित कई तरह के स्वादिष्ट शीतल पेय लोगों का न सिर्फ गला तर करते हैं बल्कि उनकी सेहत के अनुकूल भी बने रहते हैं। लोगों के बजट के अनुकूल होने के कारण भी यह सभी शीतल पेय लोगों को खास आकर्षित कर रहे हैं।
बिरचुन और सतुआ की भी बढऩे लगी डिमांड :
शहर में गर्मी के आते ही बेरों को पीसकर बनाए जाने वाले बिरचुन और भुने चने का सतुआ भी अब लोगों की जुवान पर मिठास घोलने लगा है। शहर के बाजार में थोक और फुटकर बाजार में सतुआ- बिरचुन बिकने आने लगा है। गर्मियों के दिनों में यह बुंदेली फास्ट फूड लोगों को शीतलता देने के साथ ही आरोग्य, लपट से जूझने की ताकत और अनोखा स्वाद भी देता है। तीन प्रकार के फायदे देने वाले इन बुंदेली फास्ट फूड को शहर के लोग पसंद करते हैं। यही कारण है कि गर्मियों के दिनों में बड़े पैमाने पर इसका व्यवसाय होता है।
Published on:
13 Apr 2018 10:54 am
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