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स्वास्थ विभाग की करतूत ! 5 महीने की प्रेग्नेंट महिला को दी ‘फफूंद’ लगी कैल्शियम टैबलेट

MP News: बीएमओ ने कहा है कि यह मामला बेहद गंभीर है और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ ऐसी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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calcium tablets (Photo Source - Patrika)

MP News: मध्यप्रदेश में छतरपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग की एक गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। यहां पर बकस्वाहा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले सुनवाहा उप स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य विभाग ने कांड कर दिया। यहां बीते शुक्रवार को नियमित जांच के लिए आई एक 5 महीने की गर्भवती महिला को स्वास्थ्यकर्मियों ने फफूंद लगी और पहले से खुली हुई कैल्शियम की दवाइयां दे दी। घटना के बाद स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं और ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।

हेमा ने नहीं किया दवा का सेवन

जानकारी के अनुसार, ग्राम सुनवाहा निवासी 22 वर्षीय हेमा नामदेव शुक्रवार को स्वास्थ्य केंद्र उपचार के लिए गई थीं। ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों ने उन्हें कैल्शियम की टेबलेट्स दीं। जब हेमा ने घर जाकर दवा को ध्यान से देखा, तो टेबलेट का पैकेट पहले से खुला हुआ था और गोलियों पर सफेद धब्बे (फफूंद) लगे थे। हेमा ने सुझबूझ दिखाते हुए दवा का सेवन नहीं किया और तुरंत अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी। खराब दवा की बात फैलते ही ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए और विरोध दर्ज कराया। मामला तूल पकड़ते ही ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) डॉ. सत्यम आसाटी ने इस पर संज्ञान लिया है।

उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ ऐसी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बीएमओ ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है और स्पष्ट किया है कि जिस भी कर्मचारी की लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

अस्पताल में में गंदगी और अव्यवस्था का अंबार

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एक गर्भवती महिला को ऐसी दवा देना उसकी और उसके होने वाले बच्चे की जान के साथ सीधा खिलवाड़ है। केंद्र की बदहाली पर भी निशाना हंगामे के दौरान लोगों ने उप स्वास्थ्य साधा। ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल परिसर और कमरों में लंबे समय से गंदगी पसरी रहती है, जिससे संक्रमण का खतरा बना रहता है। शिकायत के बावजूद व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हो रहा है।

गांव वालों ने गंदगी और अव्यवस्था पर उठाए सवाल

गांव वालों ने गर्भवती महिला को इस तरह की खराब दवा देने को उसकी सेहत और जान के साथ सीधा खिलवाड़ बताया है। साथ ही लोगों ने स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से व्याप्त गंदगी और अव्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का आरोप है कि अस्पताल परिसर और कमरों में हमेशा गंदगी का माहौल रहता है, जिससे यहां आने वाले मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है।

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