
सरकारी जमीनों के कब्जे धराशाई
छतरपुर। शनिवार को जिला मुख्यालय पर तहसीलदार संजय शर्मा के नेतृृत्व में 5 स्थानों पर किए गए सरकारी जमीनों के कब्जे जेसीबी के माध्यम से धराशाई कर दिए गए। इतना ही नहीं कब्जा करने वाले लोगों के खिलाफ मामले भी दर्ज किए गए हैं और अर्थ दंड भी अधिरोपित किया गया है। जिन लोगों के कब्जे हटाए गए उनमें कांग्रेस नेता आबिद सिद्दीकी, नगर पालिका के कर्मचारी और जिले के कुख्यात बदमाश जफ्फू के कब्जे शामिल हैं।
बिना किसी विवाद के हटाए गए जमीनों के कब्जे
शनिवार की दोपहर तहसीलदार संजय शर्मा की अगुवाई में राजस्व और पुलिस विभाग की एक टीम ने एंटी माफिया मुहिम के तहत सटई रोड के बेहर स्थित हनुमान मंदिर के समीप कार्यवाही की शुरूआत की। यहां संजय द्विवेदी नामक शख्स ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सुनीता बुधौलिया नामक महिला के द्वारा एक आम रास्ते पर दीवार बनाकर कब्जा कर लिया गया है। जेसीबी लेकर पहुंची प्रशासनिक टीम ने इस दीवार को हटा दिया और सुनीता बुधौलिया पर मामला भी दर्ज किया गया है। अगली कार्यवाही नं.1 स्कूल के समीप रविशंकर पार्क के पिछले हिस्से में मौजूद कब्जों के खिलाफ की गई। तहसीलदार संजय शर्मा ने बताया कि यहां लगभग 5 हजार स्क्वायर फीट जमीन पर आबिद सिद्दीकी एवं नगरपालिका के एक कर्मचारी के परिजनों द्वारा फाउण्डेशन और बाउण्ड्री बनाकर कब्जा कर लिया गया था। तहसीलदार के मुताबिक यहां लगभग 58 हजार वर्गफीट जमीन शासन के द्वारा न्यायाधीश कॉलोनी के लिए आवंटित की गई थी जिस पर मौजूद उक्त दोनों कब्जे जेसीबी से तोड़ दिए गए। इस कार्यवाही के उपरांत प्रशासनिक टीम महाराजा कॉलेज के सामने अवंतीबाई कॉलेज मार्ग पर पहुंची। तहसीलदार के मुताबिक यहां छटे हुए बदमाश जफ्फू खान के परिवार के द्वारा लगभग 8 हजार वर्गफीट जमीन पर अनाधिकृत कब्जा किया गया था। इस पर एक बाउण्ड्री बनाकर टीनशेड लगा दिया गया था और भूरे राइन नामक किसी व्यक्ति को फर्नीचर कारोबार के लिए किराए पर दिया गया था। उक्त सरकारी जमीन पर मौजूद अतिक्रमण को भी एंटी माफिया मुहिम के तहत धराशायी कर दिया गया। इसके बाद कमिश्नर कार्यालय में की गई एक शिकायत पर कार्यवाही करने के लिए प्रशासनिक टीम सिंचाई कॉलोनी सरस्वती स्कूल के समीप एक गली में पहुंची जहां रूपेन्द्र चौरसिया के द्वारा एक आम रास्ते पर बनी नाली के ऊपर अपना बाथरूम बना दिया गया था। अर्जुन यादव द्वारा की गई इस शिकायत पर कार्यवाही करते हुए जेसीबी से इस बाथरूम को भी गिरा दिया गया। शाम होते होते प्रशासनिक टीमों ने उक्त पांच अतिक्रमणों को गिरा दिया।
इनका कहना है
जिस जमीन को सरकारी बताकर उसकी बाउण्ड्री को गिराया गया है वह 2400 वर्गफीट का प्लाट है जिसे मैंने 1989 में राजनगर के पर्यटक गाइड राम सिंह चौहान से क्रय किया था। इसकी रजिस्ट्री भी मेरे पास है किन्तु प्रशासन ने न तो कोई नोटिस भेजा और न ही कोई सूचना दी। एकतरफा कार्यवाही करते हुए मुझे भूमाफिया करार दे दिया गया। यह कार्यवाही गलत है।
आबिद सिद्दीकी, कांग्रेस नेता
सभी कब्जेधारकों को नोटिस जारी कर मामले दर्ज किए गए हैं। आगे भी एंटी माफिया अभियान के तहत सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्यवाही जारी रहेगी। भू-माफिया समझ लें कि वे सरकारी जमीनों पर कब्जा कर बच नहीं पाएंगे।
संजय शर्मा, तहसीलदार, छतरपुर
Published on:
26 Dec 2020 08:23 pm
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