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बुंदेलखंड में दिसंबर-जनवरी में कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम होने से 20 फीसदी बढ़ जाती है सडक़ दुर्घटनाएं

कोहरे में वाहन चलाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है। यातायात पुलिस के मुताबिक, सर्दियों में कोहरे और धुंध के कारण 20 प्रतिशत तक वाहन दुर्घटनाएं बढ़ जाती हैं। इस बढ़ती दुर्घटना दर को देखते हुए, खासतौर पर दिसंबर और जनवरी में सडक़ों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।

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कोहरे में सडक़

छतरपुर. मौसम विभाग के अनुसार बुंदेलखंड क्षेत्र में आगामी एक सप्ताह के दौरान घना कोहरा छाने की संभावना है। इस दौरान सडक़ दुर्घटनाओं में वृद्धि होने का खतरा भी बढ़ जाता है, क्योंकि कोहरे में वाहन चलाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है। यातायात पुलिस के मुताबिक, सर्दियों में कोहरे और धुंध के कारण 20 प्रतिशत तक वाहन दुर्घटनाएं बढ़ जाती हैं। इस बढ़ती दुर्घटना दर को देखते हुए, खासतौर पर दिसंबर और जनवरी में सडक़ों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।

कोहरे में ड्राइविंग के दौरान इन बातों का रखें ध्यान


शहर के यातायात प्रभारी बृहस्पति साकेत बताते हैं कि सर्दियों में घने कोहरे और धुंध के कारण विजिबिलिटी बेहद कम हो जाती है। यह स्थिति दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बनती है। बुंदेलखंड में दिसंबर और जनवरी के महीनों में कोहरा इतना घना हो सकता है कि विजिबिलिटी महज 10 मीटर तक सीमित हो जाती है, जिससे ड्राइविंग खतरनाक हो जाती है। ऐसे में सडक़ पर सुरक्षित ड्राइविंग के लिए कुछ खास सावधानियां बरतनी जरूरी हैं।

  1. अपनी लेन में ही गाड़ी चलाएंकोहरे में विजिबिलिटी कम होने के कारण यह जरूरी है कि वाहन चालकों को अपनी निर्धारित लेन में ही चलने की आदत डालनी चाहिए। इससे न केवल दुर्घटनाओं का खतरा कम होता है, बल्कि अन्य वाहन चालकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है। खासकर नेशनल हाइवे पर यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
  2. हेडलाइट को लो-बीम पर रखेंकोहरे में हेडलाइट्स को लो-बीम पर रखना चाहिए, क्योंकि लो-बीम लाइट्स सामने 50 से 75 मीटर की दूरी तक रोशनी प्रदान करती हैं, जिससे आप बेहतर तरीके से सडक़ देख सकते हैं। जबकि हाई-बीम हेडलाइट्स कोहरे में लाइट फैलाती हैं, जिससे कुछ भी दिखाई नहीं देता और दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
  3. डिफॉगर का उपयोग करेंसर्दियों में तापमान में भिन्नता के कारण गाड़ी के शीशों पर धुंध जमा होने लगती है, जो विजिबिलिटी को और भी कम कर देती है। ऐसे में डिफॉगरऑन करना जरूरी होता है, जिससे शीशों पर धुंध जमा न हो और आप बेहतर तरीके से रास्ता देख सकें।
  4. ओवरटेक करने से बचेंकोहरे के दौरान जल्दबाजी में ओवरटेक करना खतरनाक हो सकता है। आपको अपनी लेन में ही वाहन चलाना चाहिए और दूसरे वाहनों को ओवरटेक करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, क्योंकि कोहरे में अचानक सामने आ रहे वाहन का आंकलन करना मुश्किल हो सकता है।
  5. आगे चल रही गाडिय़ों से दूरी बनाएंकोहरे के दौरान आगे चल रही गाडिय़ों से पर्याप्त दूरी बनाए रखना चाहिए, ताकि यदि वे अचानक ब्रेक लगाएं तो आपके पास संभलने का पर्याप्त समय हो। यह हादसों को टालने में मदद कर सकता है।
  6. स्पीड कम रखेंकोहरे के दौरान वाहन की गति को 40 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा नहीं बढ़ाना चाहिए। तेज गति से वाहन चलाने से हादसे का खतरा बढ़ सकता है, खासकर जब सडक़ की स्थिति और विजिबिलिटी सही न हो।

7.पार्किंग के दौरान सावधानी
अगर आप कोहरे में सडक़ पर गाड़ी पार्क करने जा रहे हैं, तो इसे साइडलाइन से दूर और सुरक्षित स्थान पर पार्क करें। अगर कोई इमरजेंसी हो, तो पार्किंग और हेजार्ड लाइट को ऑन जरूर रखें।

  1. इंडिकेटर का सही इस्तेमाल करेंमोड़ पर मुडऩे से पहले 10 सेकंड पहले इंडिकेटर ऑन करें ताकि अन्य वाहन चालकों को पता चल सके कि आप दिशा बदलने वाले हैं।
  2. गाड़ी के शीशे और खिड़कियों को साफ रखेंकोहरे और धुंध के समय गाड़ी के शीशे और खिड़कियां साफ रखना भी जरूरी है, ताकि आपकी विजिबिलिटी बेहतर हो सके।

सर्दियों में सडक़ सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने जारी की चेतावनी


यातायात पुलिस और प्रशासन ने वाहन चालकों से विशेष आग्रह किया है कि वे सडक़ सुरक्षा नियमों का पालन करें, क्योंकि कोहरे और धुंध के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इन सावधानियों को ध्यान में रखते हुए और सुरक्षित ड्राइविंग करने से सर्दियों में होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है। आगामी सप्ताह में यदि कोहरा और घना होता है तो ड्राइविंग के दौरान इन नियमों का पालन कर सडक़ दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है।