5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

तीन साल में मेला में महंगाई 30 फीसदी बढ़ी, नगरपालिका ने इस बार 36 लाख रखा बजट

शहर के छत्रसाल चौराहा के पास स्थित मेला ग्राउंड में दशहरा के बाद लगने वाले मेला जल विहार के आयोजन की शुरुआत 20 अक्टूबर से होगी, लेकिन यहां भगवान के विमान आज ही पहुंच जाएंगे।

2 min read
Google source verification
mela

जल विहार मेला का फाइल फोटो

छतरपुर.मेला आयोजन के लिए पिछले तीन सालों में नगर पालिका ने दुकानों और झूलों पर 30 प्रतिशत तक की वृद्धि की है। जिसके चलते वर्ष 2022 के आयोजन में 25 लाख का बजट तैयार किया था। वर्ष 2023 के मेला के लिए इसमें 20 प्रतिशत दरों की वृद्धि करते हुए 32 लाख का बजट तैयार किया। वहीं इस वर्ष 2024 में इसमें 10 प्रतिशत की वृद्धि कर 36 लाख का बजट बनाया है। मेला के आयोजन में होने वाले व्यय को देखते हुए झूला और दुकानों के शुल्क पर 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।

ये होंगे आयोजन


शहर के छत्रसाल चौराहा के पास स्थित मेला ग्राउंड में दशहरा के बाद लगने वाले मेला जल विहार के आयोजन की शुरुआत 20 अक्टूबर से होगी, लेकिन यहां भगवान के विमान आज ही पहुंच जाएंगे। यहां पर प्रतिदिन मेला के समापन तक रासलीला का आयोजन किया जाएगा। वहीं 20 अक्टूबर सेसांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। जिसमें 20 और 21 अक्टूबर को शालेय सांस्कृतिक कार्यक्रम होगें। 22 को संगीत निशा आर्केस्ट्रा, 23 को जवाबी कीर्तन, 24 को लोकगीत, 25 को लोक नृत्य राई, 26 को जवाबी कीर्तन, 27 को ऑल इंडिया मुशायरा, 28 को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन और 29 को भजन संध्या का कार्यक्रम के साथ मेले का समापन होगा।

झूले भी होंगे महंगे


मेला में दुकान लगाने वाले व्यापारियों को इस बार पिछले साल की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक राशि खर्च करनी पड़ेगी। क्योंकि पिछले साल मेले का बजट नगर पालिका द्वारा 32 लाख रखा गया था, जो इस बार बढकऱ 36 लाख पहुंच गया है। बजट बढऩे से दुकान किराए के साथ ही पार्किंग और लाइटिंग का खर्च भी बढ़ जाएगा। जिससे मेला से खरीददारी करने वाले लोगों पर भी इसका असर पड़ेगा। वहीं झूला के लिए 20.40 लाख का टेंडर जारी किया गया है। जिससे इस बार झूलों का शुल्क भी बढ़ेगा। जिससे झूला का टिकट 30 रुपए की जगह 35 और 40 की जगह 45 रुपए होने का अनुमान है।

250 दुकानें लगेंगी


नगर पालिका छतरपुर के द्वारा मेले में होने वाले आय-व्यय का लेखा-जोखा तैयार किया गया है। ताकि नगर पालिका प्रशासन को मेले के आयोजन में आय के हिसाब से खर्च की जाने वाले व्यय से घाटा न हो और सभी प्रकार के आयोजन भी हो जाएं। जिसके चलते इस बार नगर पालिका ने मेले का जो बजट तैयार किया है, जो पिछले साल की तुलना में 4 लाख अधिक है। इसकी भरपाई करने के लिए मेले में लगने वाली 250 दुकानों से 10 प्रतिशत अधिक शुल्क वसूला जाएगा। जिससे नगर पालिका प्रशासन को मेला की दुकानों से 12 लाख की आमदनी हो जाएगी। शेष बचे 24 लाख रुपए झूला, मौत का कुआं, जादूगर, पार्किंग ठेका, स्वागत द्वार, कैंटीन और लाइटिंग से आएंगे। इस राशि का उपयोग नगर पालिका विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर खर्च करेगी।

इनका कहना है


मेला में लगने वाले झूला, पार्किंग और अन्य व्यवस्थाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जिससे निष्पक्षता पूर्ण तरीके से समय पर टेंडर प्रक्रिया पूर्ण की जा सके।
माधुरी शर्मा, सीएमओ, छतरपुर नगरपालिका

बड़ी खबरें

View All

छतरपुर

मध्य प्रदेश न्यूज़

ट्रेंडिंग