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गौरया रोड पर पीएम आवास कॉलोनी के ईडब्लूएस मकानों की अगले माह मिलेगी चाबी

बिल्डिंग का रंग रोगन कराया, 72 परिवार होंगे लाभांवित, बाकी मकान ऋण लेकर बनाएगी नगरपालिका

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मल्टी स्टोरी पीएम आवास का कराया रंगरोगन

मल्टी स्टोरी पीएम आवास का कराया रंगरोगन

छतरपुर। गौरया रोड पर पीएम आवास योजना अंतर्गत एएचपी पोजेक्ट के तहत कुल 228 मकानो का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। तीन साल से अटके प्रोजेक्ट के 72 ईडब्लूएस मकानों को तैयार कर लिया गया है। इन मकानों की चाबी इनके मालिकों को दिसंबर माह में सौंपी जाएगी। नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति चौरिसया ने बताया कि, इन मकानो का निर्माण कार्य 2017-18 में शुरू किया गया था। इस स्थान पर एलआईजी 60, एमआईजी 96, ईडब्लूएस 72 मकानो का निर्माण कराया जा रहा है। किन्ही कारणो के चलते पिछले कुछ दिनों से इनका निर्माण कार्य रूका हुआ था, लेकिन एक बार फिर से ठेकेदार के द्वारा कार्य शुरू करा दिया गया है। जिसमें ईडब्लूएस के 72 मकानो की चाबियां अगले दिसम्बर माह में हितग्राहियों को सौंपी जाएगी। इसके लिए ठेकेदार के द्वारा तेजी से कार्य कराया जा रहा है। वहीं, ऋण के जरिए प्रोजेक्ट के अन्य हिस्से को भी पूरा कराया जाएगा।

गरीब लोगों को किस्तों पर मात्र ढाई लाख में मिलेगा मकान
गौरया रोड पर निर्मित 72 मकान पीएम आवास योजना अंतर्गत गरीब लोगो के लिए निर्मित किए गए है। ऐसे लोग जिनके पास मकान बनाने के लिए खुद का प्लॉट नहीं है, उन्हे शासन की तहफ से विशेष सब्सिडी का लाभ देते हुए मात्र ढाई लाख में पीएम आवास योजना का लाभ देते हुए उन्हे वनव्हीएच का मकान दिया जा रहा है। जिससे गरीबो को रहने के लिए उनका आशियाना मिल सके।

बजट के संकट में अटका प्रोजेक्ट
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बगौता के खसरा नंबर 1983 गौरैया रोड पर नगर पालिका के द्वारा ईडब्ल्यूएस, एलआइजी और एमआइजी श्रेणी के मकान निर्मित कराए जा रहे हैं। बहुमंजिला इमारत के भीतर तीन श्रेणियों के अंतर्गत ये मकान निर्मित हो रहे हैं। इसमें ईडब्ल्यूएस 72, एलआइजी 60 और एमआइजी श्रेणी के 96 मकान बनाए जा रहे हैं। साढ़े 6 लाख रूपए से 20 लाख रूपए तक की कीमत के इन मकानों का निर्माण सुरेशचन्द्र गुप्ता मेसर्स झांसी के द्वारा किया जा रहा था। इन मकानों के निर्माण को शुरू किए जाने के बाद से ही नगर पालिका के पास बजट का संकट खड़ा हो गया। उसके बाद पूरा प्रोजेक्ट ही ठंडे बस्ते में चला गया।

ऋण लेकर करेंगे पूरी कॉलोनी विकसित
उधर मकानों की बिक्री आम जनता को करने के बाद उनसे मिले पैसे के आधार पर ही इमारत बनायी जानी थी लेकिन नगर पालिका को इस प्रोजेक्ट के लिए समय पर खरीददार ही नहीं मिले जिसके चलते यह प्रोजेक्ट उलझता चला गया। नगर पालिका ने प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए पंजाब नेशनल बैंक से 10 करोड़ रूपए का लोन मांगा है। बैंक ने लोन दिया तभी बुक हो चुके मकानों का फिनिशिंग कार्य पूरा होगा और यह प्रोजेक्ट पटरी पर लौट सकेगा।