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खजुराहो – पन्ना रेलखंड: 47 पुल-पुलिया और 6 स्टेशन बनेंगे, मार्च में शुरू होगा निर्माण कार्य

खजुराहो से पन्ना तक 72 किलोमीटर लंबे रेलखंड के निर्माण कार्य में तेजी आई है। खजुराहो से सूरजपुर तक 16 किलोमीटर के समतल क्षेत्र में निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और टेंडर प्रक्रिया के बाद अब लेवलिंग का काम शुरू हो गया है।

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जमीन समतलीकरण करते हुए

छतरपुर. खजुराहो से पन्ना तक 72 किलोमीटर लंबे रेलखंड के निर्माण कार्य में तेजी आई है। खजुराहो से सूरजपुर तक 16 किलोमीटर के समतल क्षेत्र में निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और टेंडर प्रक्रिया के बाद अब लेवलिंग का काम शुरू हो गया है। इसके अलावा, रेलवे प्रशासन ने इस परियोजना के तहत 47 पुल-पुलिया और 6 नए स्टेशन बनाने की योजना बनाई है। इस परियोजना का निर्माण कार्य अगले पांच वर्षों में पूर्ण होने की उम्मीद जताई जा रही है।

प्रारंभिक कार्यों का शुभारंभ


पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर के अधिकारियों के अनुसार खजुराहो से पन्ना तक के रेलखंड का निर्माण कार्य पहले चरण में खजुराहो से सूरजपुर तक 16 किलोमीटर के समतल क्षेत्र से शुरू हुआ है। इस क्षेत्र में क्वार्टर बिल्डिंग और मिट्टी के काम की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई थी और अब लेवलिंग का कार्य भी शुरू हो चुका है। निर्माण कार्य की शुरुआत से ही इस क्षेत्र में रेलवे लाइन की बिछाने की प्रक्रिया के लिए सेटअप तैयार किए जा रहे हैं। यह कार्य मार्च तक और तेजी पकड़ सकता है, जब रबी फसल की कटाई के बाद नमूने लेकर इस कार्य को और प्रगति दी जाएगी।

रेलखंड के लिए पुल-पुलिया और स्टेशन निर्माण


इस 72 किलोमीटर के रेलखंड के अंतर्गत खजुराहो से पन्ना के बीच कुल 47 पुल और पुलियों का निर्माण होगा, जिनमें 40 छोटे और 7 बड़े पुल शामिल हैं। खासकर केन नदी पर एक बड़ा ब्रिज बनाए जाने की योजना है, जिसका टेंडर फिलहाल जारी नहीं किया गया है, लेकिन निर्माण प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो सकती है। इसके अलावा, इस रेलखंड पर 6 नए रेलवे स्टेशन बनेंगे, जिनमें से दो स्टेशन सूरजपुरा और बरखेड़ा छतरपुर जिले में होंगे । इसके बाद पन्ना जिले में सबदुआ, बालूपुर, अजयगढ़ और सिंहपुर स्टेशन होंगे।

वन भूमि हस्तांतरण की समस्या का समाधान


इस परियोजना में सबसे बड़ी अड़चन वन विभाग की जमीन के हस्तांतरण को लेकर थी। पहले, पन्ना जिले में रेलवे को भूमि हस्तांतरित करने में कई साल लग गए थे, लेकिन अब इस प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है। पन्ना जिले में रेलवे के लिए 309 हेक्टेयर जमीन राज्य सरकार के माध्यम से रेलवे को हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे पहले वन भूमि की समस्या के कारण यह परियोजना कई सालों तक लटकी रही थी, लेकिन अब यह समस्या हल हो गई है और निर्माण कार्य में तेजी आ गई है।

केन नदी पर बनेंगा सबसे बड़ा पुल


इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण पुल केन नदी पर बनने वाला है, जो सूरजपुरा के पास स्थित होगा। यह पुल निर्माण कार्य दो चरणों में होगा। पहले चरण में खजुराहो से सूरजपुरा तक रेलवे लाइन का निर्माण किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में बालूपुर के बाद और अजयगढ़ के 5 किमी पहले तक रेल लाइन बिछाई जाएगी। केन नदी पर बनने वाला पुल इस परियोजना का सबसे बड़ा ब्रिज होगा।

देरी से लागत भी बढेगी


इस रेलवे प्रोजेक्ट के लिए 2100 करोड़ रुपये की डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की गई थी, लेकिन परियोजना में देरी के कारण अब इसकी लागत बढऩे की संभावना है। अब अनुमान लगाया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 3000 करोड़ रुपए तक पहुंच सकती है।

ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन परियोजना का हिस्सा


खजुराहो से पन्ना तक का यह रेलखंड ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन परियोजना का हिस्सा है, जिसे 1997 में मंजूरी दी गई थी। खजुराहो से पन्ना तक रेल लाइन को 2017 में स्वीकृति मिली थी, और 2024 में इस रूट पर पैसेंजर ट्रेन चलाने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि, निर्माण में देरी के कारण यह योजना अब थोड़ा पीछे हो गई है, लेकिन अब अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही काम पूरा कर लिया जाएगा।

इनका कहना है


इस रेलखंड के निर्माण कार्य का टेंडर हो चुका है और अब काम तेजी से चल रहा है। खजुराहो से पन्ना तक के रेलवे लाइन का निर्माण ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन परियोजना के अंतर्गत किया जा रहा है और इससे इस क्षेत्र के विकास को एक नया दिशा मिलेगी।
हर्षित श्रीवास्तव, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, पश्चिम मध्य रेलवे