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खजुराहो पायलट ट्रेनिंग स्कूल को डीजीसीए की मिली अनुमति, जनवरी से होंगे एडमिशन

नए साल से प्रशिक्षु पायलट हल्के व छोटे विमान उड़ान का लेंगे प्रशिक्षण

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फ्लाइंग एकेडमी का एप्रेन

फ्लाइंग एकेडमी का एप्रेन

छतरपुर. देश में खोली गई आठ फ्लाइंग एकेडमी में शुमार खजुराहो इंडियन फ्लाइंग एकेडमी को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन) से अनुमति मिल गई है। अब खजुराहो के पायलट ट्रेनिंग स्कूल में प्रवेश प्रक्रिया जनवरी से शुरु हो जाएगी। बुंदेलखंड में पहली अंतरराष्ट्रीय स्तर की इंडियन फ्लाइंग एकेडमी में बुंदेलखंड सहित देश-विदेश से पायलट की ट्रेनिंग लेने वाले लोग आएंगे।

कोरोना के चलते हुई देरी
केंद्र सरकार ने मप्र के खजुराहो सहित देश में आठ इंडियन फ्लाइंग एकेडमी खोलने को अनुमति दी थी। तीन साल से चल रहे काम के बाद खजुराहो में एकेेडमी बनकर तैयार हो गई है। कोरोनाकाल के कारण इसकी अनुमति अटक गई थी। भारत सरकार के डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने अब इसको अनुमति दे दी है। नए साल से प्रशिक्षु पायलट यहां हल्के और छोटे विमान उड़ाने की ट्रेनिंग ले सकेंगे। खजुराहों में केवल मप्र या इंडिया से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी प्रशिक्षु आएंगे। जिससे एयरपोर्ट का राजस्व भी बढ़ेगा। खजुराहो में स्टूडेंट पायलट की ट्रेनिंग ले सकेंगे। इससे यहां के लोगों को रोजगार मिलेगा, साथ ही यहां का रेवेन्यू भी बढ़ेगा। देश के विभिन्न क्षेत्रों से स्टूडेंट यहां ट्रेनिंग लेने के लिए आएंगे।

8 से 12 महीने का होगा प्रशिक्षण
इंडियन प्लाइंग एकेडमी के सीइओ यश विक्रम सिंह ने बताया कि जल्द ही पायलट ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी। पायलट स्टूडेंट्स को 8 से 12 माह में 200 घंटे की एयरक्रॉफ्ट उडाऩे की ट्रेनिंग दी जाएगी। जिसमें 100 घंटे एयरक्रॉॅफ्ट उड़ाने, 50 घंटे क्रॉसकंट्री का प्रशिक्षण होगा। जिसमें एक एयरपोर्ट से दूसरे एयरपोर्ट तक जाना निर्धारित है। इसके साथ ही नाइट फ्लाइंग, स्टूमेंटस फ्लाइंग भी शामिल है । एक वर्ष में जनवरी,अप्रेल,जुलाई तथा अक्टूबर माह में पेपर क्लियर करने होंगे, जिसमें एयरनेविगेशन,इंडियन एयर रूल्स रेगुलेशन,टेक्निकल, स्पेसिफिकेशन तथा मीट्रियोलॉजी के विषय क्लियर करने होंगे। स्टूडेंट्स को ट्रेनिंग तथा पेपर कंप्लीट करने के बाद नागर विमानन महानिदेशालय(डीडीसीए)को आवेदन सम्मिट करना होगा ताकि पायलट का लाइसेंस जारी हो सके। जिसकी अवधि 5 वर्ष की होती है।

अभी सागर में है चार सीटर विमान प्रशिक्षम एकेडमी
बुंदेलखंड में फिलहाल तक सागर के ढाना में चाइम्स एविएशन कंपनी फ्लाइंग एकेडमी संचालित कर रही है। यहां ग्लाइडर अर्थात दो और चार सीटर विमान से पायलट प्रशिक्षण दिया जाता है। अब बुंदेलखंड के खजुराहो स्थित एयरपोर्ट पर बड़ी और व्यापाक फ्लाइंग एकेडमी शुरु हो रही है। यहां तैयार की गई इंडियन फ्लाइंग एकेडमी को डीजीसीए ने अनुमति दे दी है। खजुराहो एयरपोर्ट अथॉर्टी के अधिकारियों के मुताबिक पायलट प्रशिक्षण के लिए इस फ्लाइंग एकेडमी की सारी व्यवस्थाएं पूरी हो चुकी हैं। नए साल की शुरुआत में यहां प्रशिक्षु पायलट्स का प्रशिक्षण प्रारंभ हो जाएगा।


बुंदेलखंड के युवाओं को मौका मिल सकेगा
बुंदेलखंड के खजुराहो एयरपोर्ट पर फ्लाइंग एकेडमी प्रारंभ होने के बाद बुंदेलखंड के युवाओं की पायलट बनने की तमन्ना पूरी हो सकेगी। अभी देश में चुनिंदा व कुछ ही फ्लाइंग एकेडमी के कारण इनको प्रवेश नहीं मिल पाता था। अब खजुराहो में ही फ्लाइंग अकादमी खुलने के बाद संभाग व आसपास के जिलों के युवाओं को यहां प्रवेश मिल सकेगा और पायलट बनने का सपना साकार हो सकेगा। इस अकादमी में इंटरनेशनल स्तर पर प्रवेश प्रक्रिया की जाएगी।