
प्रशासन की कार्रवाई कागजों तक सीमित
छतरपुर। सरकारी जमीन के प्लाट काटकर भू माफियाओं द्वारा इन्हें बेचा जा रहा है। कई ऐसे प्लाट हैं जहां निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। पूर्व में कलेक्टर और एसडीएम से शिकायत की गई थी फिर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। नक्शा में तरमीम न होने के कारण सरकारी जमीन को भू माफियाओं द्वारा बेचने का कार्य किया जा रहा है।
कलेक्टर और एसडीएम को शिकायत देते हुए एडवोकेट एमपी रिछारिया बताया गया कि सरसेड़ मौजा के खसरा नंबर 4960/1/1 रकवा 18.0126 हेक्टेयर के अंशभाग एक हेक्टेयर पर भू माफियाओं ने कब्जा कर लिया है। इसी जमीन को टुकड़ों में बांटकर बेचने का कार्य चल रहा है। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि वीरेन्द्र चतुर्वेदी को एक हेक्टेयर जमीन की रजिस्ट्री कराई गई थी लेकिन इस जमीन को कई हाथों में बेचा गया। मऊरानीपुर के रहने वाले एक परिवार द्वारा रजिस्ट्री के आधार पर कब्जा किया गया है और इसके अलावा सरकारी जमीन को बेचा जा रहा है। पूर्व में न्यायालय में प्रकरण गया था जहां से वीरेन्द्र चतुर्वेदी को भू स्वामी घोषित किया गया था।
सरकारी जमीन में स्टे के बाद भी चल रहा निर्माण कार्य
हाइवे किनारे सब्बीर मोहम्मद द्वारा बेशकीमती जमीन पर कब्जा कर यहां 6 दुकानें बनाई गई हैं। पूर्व में अवैध कब्जे के खिलाफ शिकायत की गई थी जिस पर पटवारी को भेजकर वस्तुस्थिति का पता लगाया गया। पटवारी ने तहसीलदार को जो जांच प्रतिवेदन सौंपा उसमें स्पष्ट उल्लेख है कि उक्त जमीन सरकारी है। इसी आधार पर स्थगन आदेश जारी हुआ था लेकिन बीते रोज स्थगन आदेश के बावजूद दुकानों में लेंटर डाल दिया गया। सरकारी जमीन को खुर्द-बुर्द करने में लगे भू माफियाओं के खिलाफ सटीक कार्यवाही नहीं हो पा रही।
इनका कहना है
आपके माध्यम से जानकारी मिली है। पटवारी को भेजकर दिखवाते हैं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।
विनय द्विवेदी, एसडीएम नौगांव
Published on:
20 Dec 2020 07:46 pm
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