
शराब फैक्ट्री से निकलता जहरीला पानी
नौगांव क्षेत्र स्थित जैगपिन ब्रेबरीज लिमिटेड (कॉक्स इंडिया डिस्टिलरी) से निकलने वाले रासायनिक अपशिष्ट ने क्षेत्र के पर्यावरण और आम जनजीवन पर प्रभाव को देखते हुए नेशनल ग्रीन टि्रब्यूनल (एनजीटी) ने पत्रिका की खबर पर संज्ञान लिया है। एनजीटी ने राज्य शासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर पालिका छतरपुर, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित कंपनी को प्रतिवादी बनाया है। न्यायमूर्ति सेओ कुमार सिंह न्यायिक सदस्य और सुधीर कुमार चतुर्वेदी विशेषज्ञ सदस्य ने नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया है।
एनजीटी ने इसके अलावा वस्तुस्थिति और कार्रवाई की जानकारी के लिए एक संयुक्त समिति का गठन किया गया है। इसमें छतरपुर कलेक्टर व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि रहेंगे। समिति छह सप्ताह में निरीक्षण कर रिपोर्ट पेश करेगी। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोडल एजेंसी के रूप में समन्वय और लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करनी होगी।
आधा दर्जन गांव प्रभावित, सेहत जलस्रोत और खेत हो रहे खराबडिस्टलरी से निकलने वाले अपशिष्ट की वजह से करीब एक किलोमीटर के दायरे में जलस्रोत पूरी तरह प्रदूषित हो चुके हैं, जबकि 4-5 किलोमीटर के दायरे में बसे आधा दर्जन गांवों चंद्रपुर, शिकारपुरा, चंदोरा, डोरिया, खम्मा, रावतपुरा और धवरा दुर्गंध और स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। प्रदूषित पानी के उपयोग से फसलों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और जलस्रोतों में फैले रसायनों से गुर्दे की बीमारियों सहित गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं सामने आ रही हैं।
स्थानीय संगठनों ने इसका विरोध किया तब जनसुनवाई की गई। एसडीएम जीएस पटेल को ज्ञापन सौंपा जिसमें बताया गया कि फैक्ट्री के अपशिष्ट सड़े हुए अनाज और रासायनिक कचरे को खुले में सुखाया जा रहा है, जिससे सुबह और शाम के समय बदबू इतनी तेज हो जाती है कि सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन, सिरदर्द और उल्टी जैसे लक्षण आम हो गए हैं।
Published on:
14 Oct 2025 10:40 am
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