
Maharaja Chhatrasal Bundelkhand University collage
छतरपुर। महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विवि की स्थापना को चार साल का समय पूरा होने जा रहा है लेकिन अभी तक विवि व्यवस्थित नहीं हो सका। स्वयं के भवन के अभाव में विवि कार्यालय का संचालन शहर के महाराजा कॉलेज की बिल्डिंग में किया जा रहा है। विवि सिर्फ कॉलेजों की संबद्धता व परीक्षाएं कराने तक ही सीमित होकर रह गया है। जिससे छात्र-छात्राओं को विवि का पूरी तरह फायदा नहीं मिल पा रहा है। भवन के अभाव में एकेडमिक कोर्स शुरू नहीं हो सके।
महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विवि की स्थापना मप्र राज्य (असाधारण) प्राधिकार से प्रकाशित क्रमांक 279 भोपाल के तहत की गई थी। शिक्षण सत्र 2015-16 में सागर संभाग के छतरपुर, टीकमगढ़, सागर, पन्ना व दमोह जिले के शासकीय व निजी महाविद्यालयों को संबद्ध कर शिक्षण कार्य शुरू किया गया था। वर्तमान में यूनिवर्सिटी से डेढ़ सैंकड़ा से अधिक शासकीय व निजी कॉलेज संबद्ध हैं। इन कॉलेजों में स्नातक व स्नातकोत्तर के करीब डेढ़ लाख से अधिक बच्चे अध्यनरत हैं। महाराजा छत्रसाल की नगरी छतरपुर को विवि की सौगात मिलने के बाद नौ जुलाइ को चौथा स्थापना दिवस मनाया जाएगा लेकिन हालत यह हैं कि विवि के पास स्वयं का भवन तक नहीं है। तीन साल पहले विवि के लिए शहर के निकट बगौता मौजा में ४१८ एकड़ भूमि आवंटित की गई थी। आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बगौता मौजे में १६८.१८९ हेक्टेयर जमीन आवंटित की गई थी। इसके बाद चार जुलाई २०१६ व १० अगस्त २०१६ को दो चरणों में सीमांकन का कुछ कार्य भी किया गया था। साथ ही विवि प्रबंधन द्वारा आंवटित ४१८ एकड़ भूमि में से ३०३ एकड़ भूमि निर्माण कार्य के लिए सर्वे की जिम्मेदारी लोक निर्माण एजेंसी को सौंपी गई थी। पीआईयू द्वारा इसका नक्शा भी तैयार कराया गया था। यूनिवर्सिटी प्रबंधन द्वारा भवन निर्माण के लिए शासन को उसी समय डीपीआर भेज कर १५० करोड़ रुपए की डिमांड की गई थी लेकिन यह रकम अभी तक नहीं मिली। जिससे यूनिवर्सिटी प्रबंधन के लिए स्वयं के भवन का सपना हकीकत में नहीं बदल पा रहा है।
यूनिवर्सिटी प्रबंधन को बजट का बेसब्री से इंतजार
यूनिवर्सिटी प्रबंधन को बजट का बेसब्री से इंतजार है। प्रथम चरण में महाराजा छत्रसाल विवि का प्रशासनिक भवन तीन मंजिला बनना है। जिसमें कुलपति कक्ष, रजिस्ट्रार कक्ष, डिप्टी रजिस्ट्रार कक्ष, हॉल, स्टाफ रूम, आईटी सेल, गोपनीय अनुभाग सहित विभिन्न कक्ष बनना है। जिसके माध्यम से विवि का ऑफिशियल काम किया जा सके। बावजूद इसके बजट के अभाव में विवि भवन नहीं बन पा रहा है।
सवा साल पहले डीपीआर भेजा जा चुका है। अभी तक शासन स्तर से बजट स्वीकृत नहीं हुआ है। नौ जुलाई को विवि का चौथा स्थापना दिवस है। बजट मिलने के बाद ही विवि भवन निर्माण का कार्य शुरू हो सकेगा।
डॉ. एलएस सोलंकी, कुलसचिव, महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी
Published on:
08 Jul 2018 12:18 pm
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