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5500 करोड़ खर्च कर बनेगा केन बेतवा लिंक परियोजना का मुख्य बांध, 2 किलोमीटर होगा लंबा, 77 मीटर ऊंचा

फरवरी माह में ढोढऩ बांध निर्माण के लिए भूमिपूजन की चल रही तैयारी, डूब क्षेत्र में आएंगे जिले के 10 गांव

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केन नदी, जिस पर बनना है केन बेतवा परियोजना का ढोढऩ बांध

केन नदी, जिस पर बनना है केन बेतवा परियोजना का ढोढऩ बांध

छतरपुर. केन बेतवा लिंक परियोजना का मुख्य बांध केन नदीं पर ढोढऩ में बनाया जाएगा। 5500 करोड़ की लागत वाले इस बांध की ऊंचाई 77 मीटर और लंबाई 2031 मीटर यानि करीब 2.03 किमी होगी। बांध की जलभराव क्षमता 6590 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) होगी। केन-बेतवा लिंक परियोजना में बनाए जा रहे ढोढऩ बांध में 10 गांव ढोढऩ, पलकौहां, खरियानी, भोरखुआं, सुकवाहा, मैनारी, कुपी, शाहपुरा, पाठापुर, नैगुवां डूब जाएंगे। परियोजना में कुल 11284 ग्रामीण प्रभावित होंगे।

घर, परिवार व मवेशी भी होंगे प्रभावित
जल शक्ति मंत्रालय द्वारा बनाए गए प्रारंभिक डीपीआर के मुताबिक 637 कच्चे घर, 1252 आधे कच्चे-पक्के मकान और 24 पक्के मकान डूब क्षेत्र में आ रहे हैं। प्रभावित घरों के मालिकों को मुआवजा के बतौर पक्के मकान के बदले डेढ लाख, आधा कच्चा-पक्का मकान का एक लाख और कच्चा मकान का 50 हजार रुपए मुआवजा दिया जाएगा। दस गांव के डूब क्षेत्र में जाने से न केवल वहां के लोग बल्कि पालतू मवेशी भी प्रभावित होंगे। 9317 गाय, 249 भैंसा, 3387 भैंसे, 345 भेड़, 11957 बकरी, 1378 मुर्गा-मुर्गी और 1952 अन्य पालूत जानवर भी प्रभावित हो रहे हैं।

प्रभावित परिवारों की खेती पर ये पड़ेगा असर
बांध के कमांड क्षेत्र में चयनित परिवारों का मुख्य व्यवसाय कृषि है। चयनित परिवारों के विभिन्न फसलों खरीफ सीजन में 2665 हेक्टेयर और रबी सीजन में 1173 हेक्टेयर में खेती होती है। खरीफ मौसम के दौरान सबसे महत्वपूर्ण फसल सोयाबीन है जिसका क्षेत्रफल 685.69 हेक्टेयर है। खरीफ मौसम के दौरान उगाई जाने वाली अन्य महत्वपूर्ण फसलें बंगाल चना 677.06 हेक्टेयर, धान 669.53 हेक्टेयर हैं, जबकि काला चना, तिल, मिर्च और ज्वार भी उगाई जाती है। वहीं, रबी सीजन के दौरान गेहूं सबसे महत्वपूर्ण फसल होती है जिसका क्षेत्रफल 890.85 हेक्टेयर है। इसके बाद बंगाल चना, ज्वार, धान, गन्ना और मक्का भी उगाया जाता है।

जून तक चलेगी टेंडर प्रक्रिया
केन बेतवा लिंक परियोजना के मुख्य बांध ढोढऩे के निर्माण के लिए अंतिम तारीख बढ़ाकर 5 मार्च की गई है। इससे अब टेंडर की प्रक्रिया जून माह तक पूरी हो सकेगी। टेंडर जमा होने के बाद टेंडर में हिस्सा लेने वाली कंपनियों को प्री-क्वालिफाई किया जाएगा। कंपनियों का कार्य अनुभव और समस्त दस्तावेजों के परीक्षण के बाद टेंडर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बांध के बाद लिंक कैनाल के भी टेंडर जारी किए जाएंगे। प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य 8 साल तय है।

3500 करोड़ मिलेंगे इस वर्ष
केन-बेतवा नदी जोडऩे के लिए केंद्र सरकार अगले वित्तीय वर्ष 2024-25 में 3500 करोड़ रुपए देगी। केंद्रीय अंतरिम बजट में राशि आवंटन का ऐलान किया गया है। पिछले साल आम बजट में केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 3500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था, लेकिन इसे घटाकर 1400 करोड़ रुपए कर दिया गया था।

फैक्ट फाइल
गांव प्रभावित घर
बसौदा 39
भरकुआं 57
ढोढऩ 132
घौरारी 33
खरियानी 300
कुपी 512
मैनारी 75
पलकोंहा 452
शाहपुरा 88
सुुकवाहा 225