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मेला जल विहार का बजट बढ़ाया, सुरक्षा बढ़ाने सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी, टेंडर जारी

250 दुकानें लगेंगी, दुकानों का शुल्क 20 फीसदी बढ़ाया, महंगा होगा मेला

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मेला जल विहार

मेला जल विहार

छतरपुर. शहर के मेला ग्राउंड में हर साल की तरह इस बार भी मेला जल विहार का आयोजन 26 अक्टूबर से किया जा रहा है। इस बार के मेले में दुकानें लगाने वाले व्यापारियों को पिछले साल की तुलना में इस बार 20 प्रतिशत अधिक राशि खर्च करनी पड़ेगी। क्योंकि पिछले साल मेले का बजट नगर पालिका द्वारा 25 लाख रखा गया था, जो इस बार बढक़र 32 लाख पहुंच गया है। बजट बढऩे से दुकान किराए के साथ ही पार्किंग और लाइटिंग का खर्च भी बढ़ जाएगा। जिससे मेला देखने और खरीदारी करने वाले लोगों पर भी असर पड़ेगा।

सभी जगह कैमरे की रहेगी नजर
मेले में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने के लिए नगर पालिका 48 सीसीटीवी कैमरे लगवा रही है। विभिन्न गतिविधियों पर कैमरों के माध्यम से नजर रखने के लिए परिसर में एक पुलिस कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। छत्रसाल चौराहा स्थित मेले के मुख्य गेट, जिला न्यायालय के पास वाले गेट सहित नगर पालिका के सामने स्थित कॉम्पलेक्स पर दो बड़े-बड़े सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। वहीं मेला की मुख्य गलियों और रास्तों के दोनों ओर दो-दो कैमरे स्थापित किए जाएंगे। साथ ही मौत का कुआं, झूला, जादूगर और ट्रेन के आसपास कैमरे लगाए जाएंगे। क्योंकि सबसे अधिक भीड़ इन स्थानों पर ही रहती है। इन सभी कैमरों का कनेक्शन पुलिस चौकी में किया जाएगा, ताकि ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी प्रत्येक गतिविधि पर नजर रख सकें।

इस बार 7 लाख अधिक बनाया बजट
नगर पालिका छतरपुर अब मेला जल बिहार का बजट इस प्रकार से तैयार करती है कि उसे खर्च के हिसाब से आमदनी हो ताकि नगर पालिका प्रशासन को मेले से घाटा न हो और सभी प्रकार के आयोजन भी हो जाएं। इस बार नगर पालिका ने मेले का जो बजट तैयार किया है, वह पिछले साल की तुलना में 7 लाख अधिक है। इसलिए मेले में लगने वाली 250 दुकानों पर 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। नगर पालिका प्रशासन को मेला की दुकानों से 11 लाख की आमदनी हो जाएगी। शेष बचे 21 लाख रुपए झूला, मौत का कुआं, जादूगर, पार्किंग ठेका, स्वागत द्वार, कैंटीन और लाइटिंग से आएंगे। इस राशि का उपयोग नगर पालिका विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर खर्च करेगी।

एक माह तक रोज होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
शहर में महल रोड़ स्थित खलका बिहारी मंदिर के भगवान विहारी जू 26 अक्टूबर की देर शाम पालकी पर सवार होकर बैंड बाजों के साथ मेला ग्राउंड स्थित चबूतरा पर आकर विराजमान हो जाएंगे और इसके साथ ही मेले की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी। लेकिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत एक नवंबर से होगी। पहले दिन बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों से होंगे। इसके बाद अन्य मंचीय कार्यक्रम में रहसलीला, बच्चों के शालेय सांस्कृतिक कार्यक्रम, जवाबी कीर्तन, आर्केस्ट्रा, मुसायरा, बुंदेली लोकगीत, भजन संध्या, लोक नृत्य राई और कवि सम्मेलन का आयोजन होगा।

दुकानों की राशि में 20 फीसदी की बढोत्तरी
मेला जल बिहार प्रभारी विद्या प्रसाद पटेरिया ने बताया कि इस बार मेला का बजट 32 लाख रुपए होने के कारण प्रत्येक दुकान पर 20 प्रतिशत राशि की वृद्धि की गई है। पिछली बार दुकान आवंटन के दौरान विवाद की स्थिति निर्मित हो रही थी। इसलिए इस बार पिछले साल की रसीद के आधार पर दुकान आवंटित की जाएगी। क्योंकि जिन व्यापारियों ने पिछले साल मेला में दुकान लगाई होंगी, उनके पास पुराने टैक्स की रसीद जरूर होगी। जिससे विवाद भी नहीं होगा और सही व्यापारी को दुकान आवंटित हो जाएगी। आचार संहिता के पहले निविदाएं आमंत्रित प्रदेश में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसके चलते आदर्श आचार संहिता लगने वाली है। इस बात को ध्यान में रखते हुए नगर पालिका ने मेला जल विहार में लगने वाली विभिन्न सामग्री सहित अन्य कार्यों की निविदाएं आमंत्रित की हैं।

इनका कहना है
मेले में होने वाली आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाए जाएंगे, जिसकी निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों की फोटो एवं वीडियो ग्राफी, शाल एवं श्रीफल, पार्किंग ठेका, लाइटिंग और टेंट सहित अन्य सामग्री के टेंडर आमंत्रित कर लिए गए हैं, जो जल्द ही खुल जाएंगे।
माधुरी शर्मा, सीएमओ