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मपी-यूपी के बीच सुगम होगा सफर-खजुराहो से बांदा बॉर्डर तक 300 करोड़ की लागत से बन रही फोरलेन सडक़

खजुराहो से बांदा (एमपी-यूपी बॉर्डर) को जोडऩे वाली 57 किलोमीटर लंबी सडक़ का निर्माण 300 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लक्ष्य 2027 तक निर्माण कार्य पूरा करना है

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खजुराहो बांदा सडक़

मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना पर काम शुरू हो गया है। खजुराहो से बांदा (एमपी-यूपी बॉर्डर) को जोडऩे वाली 57 किलोमीटर लंबी सडक़ का निर्माण 300 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लक्ष्य 2027 तक निर्माण कार्य पूरा करना है, जिससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि क्षेत्र के विकास को भी नई गति मिलेगी।

दो घंटे का सफर मात्र 60 मिनट में होगा

वर्तमान में खजुराहो-बछौन-चंदला-सरवई-गौरीहार-चंद्रपुरा मार्ग की स्थिति काफी जर्जर है। सिंगल रोड होने के कारण 57 किलोमीटर की इस दूरी को तय करने में वाहन चालकों को लगभग 2 घंटे का समय लगता था। फोरलेन सडक़ तैयार होने के बाद, यह सफर मात्र एक घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इससे एमपी से यूपी जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की दूरी होगी कम

सडक़ के नए एलाइनमेंट और चौड़ीकरण से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा के बीच की दूरी लगभग 8 से 10 किलोमीटर कम हो जाएगी। अब तक यात्रियों को दूसरे रास्तों से चक्कर काटकर जाना पड़ता था, लेकिन इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद यह समस्या समाप्त हो जाएगी।

शहरी क्षेत्रों में विस्तार और चौड़ीकरण का कार्य जारी

परियोजना के तहत चंदला, सरबई, गौरीहार और चंद्रपुरा जैसे प्रमुख शहरी और ग्रामीण हिस्सों में सडक़ विस्तार का काम अलग-अलग चरणों में चल रहा है। फिलहाल इन क्षेत्रों में खुदाई और चौड़ीकरण का काम किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को अस्थायी असुविधा तो हो रही है, लेकिन भविष्य में यह यातायात के दबाव को कम करने में सहायक होगा।

एशियाई विकास बैंक के सहयोग से निर्माण

यह परियोजना मध्य प्रदेश सडक़ विकास निगम लिमिटेड द्वारा संचालित की जा रही है। खास बात यह है कि इस सडक़ का निर्माण न्यू डेवलपमेंट बैंक के ऋण से ईपीसी मोड पर किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि काम की गति संतोषजनक है, हालांकि परिस्थितियों के अनुसार समय-सीमा में कुछ बदलाव संभव हो सकता है।

परियोजना से होने वाले प्रमुख लाभ

दूरी में कमी- एमपी से यूपी बॉर्डर पहुंचने के लिए अब 8 से 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।समय और सुरक्षा- यात्रा समय में 50 प्रतिशत की कमी आएगी और चौड़ी सडक़ होने से सडक़ हादसों में भी गिरावट आएगी।

व्यापार और पर्यटन- खजुराहो एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, ऐसे में बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।कनेक्टिविटी- लवकुशनगर और खजुराहो क्षेत्र के सडक़ नेटवर्क को मजबूती मिलेगी, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच आवागमन सुगम होगा।

स्वास्थ्य सुविधाएं- चंदला क्षेत्र के लोगों के लिए बांदा (यूपी) की स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचना आसान और तेज़ हो जाएगा।

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