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जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को तकनीकी समस्याओं के कारण बड़ा झटका लगा है. विशेष रूप से पंचायतों में अनिवार्य की गई बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था अब विकास कार्यों की राह में रोड़ा बन गई है. इस नई व्यवस्था के कारण छतरपुर जिले में लगभग 2600 निर्माण कार्य अधर में लटक गए हैं, जिससे जल संवर्धन का लक्ष्य मानसून से पहले पूरा होना मुश्किल नजर आ रहा है.
इस अभियान के तहत स्वीकृत किए गए कार्यों में घोर विसंगतियां सामने आ रही हैं. पंचायतों में बिना पूरी खुदाई कराए ही खेत तालाबों के पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं. पिछले सत्र में जिले भर में 1863 खेत तालाब स्वीकृत हुए थे, लेकिन वर्षा काल शुरू होने से पहले इनका काम पूरा नहीं हो सका. अब नई व्यवस्था में राशि आहरण की जटिलता से बचने के लिए अधूरे कामों को ही पूर्ण दिखाकर खानापूर्ति की जा रही है. छतरपुर ब्लॉक की वनगांय पंचायत में तो स्थिति यह है कि पिछले एक साल में स्वीकृत 11 कार्यों में से एक भी पूरा नहीं हुआ है. इसी तरह धौरी पंचायत में भी अधूरे तालाबों को कंप्लीट दिखाकर प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं.
भ्रष्टाचार रोकने के उद्देश्य से लागू की गई बायोमेट्रिक और डिजिटल हाजिरी अब मजदूरों के लिए मुसीबत बन गई है. नेटवर्क की समस्या, मशीनों की कमी और तकनीकी गड़बड़ी के कारण मजदूरों की उपस्थिति दर्ज नहीं हो पा रही है. जिन पंचायतों में पहले 80 से 100 मजदूरों को प्रतिदिन काम मिलता था, वहां अब एक भी मजदूर का नाम मस्टर रोल में नहीं च? पा रहा है. इसका सीधा असर जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत बनने वाले अमृत सरोवर, डगवेल और खेत तालाबों पर पड़ा है, जिनका काम पूरी तरह ठप हो गया है.
मनरेगा योजना का नाम बदलकर अब विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (जी राम जी योजना) कर दिया गया है. इस बदलाव के तहत मजदूरों को 100 के बजाय 125 दिन का रोजगार देने और साप्ताहिक भुगतान करने जैसे प्रावधान किए गए हैं, लेकिन बायोमेट्रिक की अनिवार्यता ने इन सुविधाओं के क्रियान्वयन को कठिन बना दिया है.
इस बिगती स्थिति को देखते हुए जिला पंचायत सीईओ शिवाय अरजरिया ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने पंचायतों को निर्देश दिए हैं कि रुके हुए कार्यों को तत्काल शुरू किया जाए और बायोमेट्रिक समस्याओं का निराकरण कर मजदूरों की हाजिरी सुनिश्चित की जाए. उन्होंने स्पष्ट किया है कि पेंडिंग कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करना अनिवार्य है।
Published on:
04 May 2026 10:58 am
