4 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

परिवहन का फर्जीवाड़ा और ट्रकों का टोटा: छतरपुर में पेटी ठेकेदारों के भरोसे गेहूं उपार्जन, न पर्याप्त ट्रक मिले न मजदूर, खुले आसमान के नीचे भीगकर बर्बाद हुआ अन्नदाता का सोना

विडंबना यह है कि जो अनाज तुल चुका था, वह तो भीगा ही, साथ ही उन किसानों की फसल भी तबाह हो गई जो घंटों से ट्रैक्टर ट्रॉलियों में अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।

3 min read
Google source verification
wheat

खुले में रखा गेहूं

किसान के हाड़तोड़ परिश्रम और पसीने की कमाई जब फसल बनकर तैयार होती है, तो उसे उम्मीद होती है कि सरकारी मंडी में उसकी उपज सुरक्षित रहेगी। लेकिन छतरपुर जिले में इस बार अन्नदाता की उम्मीदें सरकारी कुप्रबंधन और परिवहन की कछुआ चाल की भेंट चढ़ गई हैं। जिले के उपार्जन केंद्रों पर वर्तमान में जो हालात हैं, वे न केवल चिंताजनक हैं बल्कि सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और घोर लापरवाही की ओर इशारा कर रहे हैं।

परिवहन का पेटी का खेल और संसाधनों का अभाव

इस पूरी तबाही के पीछे परिवहन व्यवस्था का एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। नियमानुसार, तौल के तुरंत बाद अनाज को ट्रकों के जरिए वेयरहाउस में शिफ्ट किया जाना चाहिए। जिले में परिवहन का मुख्य ठेका भोपाल की सुनील महेश्वरी रोड लाइन्स के पास है। सूत्रों के अनुसार, मुख्य ठेकेदार स्वयं धरातल पर काम करने के बजाय गैर-अधिकृत रूप से पेटी ठेकेदारों (सब-कॉन्ट्रैक्टर) के भरोसे पूरी व्यवस्था चला रहा है। इन पेटी ठेकेदारों के पास न तो अनाज उठाने के लिए पर्याप्त ट्रक हैं और न ही लोडिंग के लिए आवश्यक श्रमिक। संसाधनों के इसी टोटे के कारण केंद्रों पर अनाज का उठाव नहीं हो पा रहा है और गेहूं का अंबार क्षमता से कहीं ज्यादा बढ़ गया है।

कुदरत का कहर और सिस्टम की बेरुखी

पिछले दो दिनों से छतरपुर में मौसम ने करवट ली है। आंधी-तूफान के साथ हुई बेमौसम बारिश ने उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाओं को तार-तार कर दिया है। ढड़ारी, बमीठा, बसारी, घुवारा और बड़ामलहरा जैसे प्रमुख केंद्रों पर खुले आसमान के नीचे रखा लगभग 20 हजार क्विंटल गेहूं बारिश में पूरी तरह भीग चुका है। विडंबना यह है कि जो अनाज तुल चुका था, वह तो भीगा ही, साथ ही उन किसानों की फसल भी तबाह हो गई जो घंटों से ट्रैक्टर ट्रॉलियों में अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। चूंकि तौल से पहले का नुकसान सरकारी रिकॉर्ड में नहीं आता, इसलिए गरीब किसान अब अपनी किस्मत पर रोने को मजबूर है।

कलेक्टर के निर्देशों की अनदेखी: फाइलों तक सीमित रह गई सख्ती

महज तीन दिन पहले छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने बैठक लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि केंद्रों का भ्रमण कर उठाव की समस्याओं को तुरंत दूर किया जाए। लेकिन जमीनी हकीकत बताती है कि कलेक्टर के निर्देश केवल हवा-हवाई साबित हुए। न तो परिवहन ठेकेदार पर लगाम कसी गई और न ही अनाज को सुरक्षित रखने के पुख्ता इंतजाम हुए। जब मुख्यमंत्री स्वयं 9 मई तक स्लॉट बुकिंग बढ़ाने की बात कर रहे हैं, तब पोर्टल की गड़बड़ी और मैदानी स्तर पर परिवहन का न होना प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है।भविष्य पर संकट: भरोसे और राजस्व का नुकसानजिले में इस सीजन में 10 लाख क्विंटल गेहूं खरीदी का लक्ष्य है, जिसमें से अब तक लगभग 3.5 लाख क्विंटल की ही खरीदी हो पाई है। यदि परिवहन का यही ढर्रा रहा, तो आने वाले दिनों में और भी बड़े पैमाने पर अनाज बर्बाद होगा। भीगा हुआ अनाज जब ट्रकों में भरकर जबरन गोदामों में ठूंसा जाएगा, तो वह कुछ ही समय में सड़ जाएगा। यह न केवल किसान के साथ धोखा है, बल्कि आम जनता के टैक्स के पैसे की भी भारी बर्बादी है।

0% परिवहन वाले केंद्र (जहां से एक दाना भी नहीं उठा)

इन केंद्रों पर खरीदी तो की गई, लेकिन परिवहन ठेकेदार की लापरवाही के कारण उठाव शून्य रहा।

सेवा सहकारी समिति सेवार (छतरपुर): यहां 1779.00 क्विंटल गेहूं की खरीदी हुई, लेकिन परिवहन 0% है।

सेवा सहकारी समिति सुनवाहा (छतरपुर): यहां 929.50 क्विंटल गेहूं खरीदा गया, परिवहन 0% है।

सेवा सहकारी समिति शाहगढ़ (छतरपुर): यहां 687.00 क्विंटल की खरीदी के मुकाबले परिवहन 0% दर्ज किया गया।सेवा सहकारी समिति जैतपुर (छतरपुर): 574.00 क्विंटल गेहूं केंद्रों पर पड़ा है, परिवहन 0% है।

सेवा सहकारी समिति किशनगढ़ (छतरपुर): 251.50 क्विंटल की खरीदी हुई, परिवहन 0% है।सेवा सहकारी समिति कटहरा (बमीठा): यहां 2144.50 क्विंटल गेहूं खुले में है, परिवहन 0% है।

सबसे कम परिवहन वाले अन्य केंद्र (अत्यंत धीमी गति)

यहां खरीदी के विशाल अंबार के सामने ट्रकों की संख्या न के बराबर रही।

सेवा सहकारी समिति बरेठी-वीरो (छतरपुर): 4551.00 क्विंटल की खरीदी के मुकाबले मात्र 16.24% परिवहन हुआ।

सेवा सहकारी समिति नयाताल (छतरपुर): 3219.00 क्विंटल गेहूं में से केवल 17.46% ही उठाया गया।सेवा सहकारी समिति बरकौहा (छतरपुर): 2676.00 क्विंटल की कुल खरीदी हुई, परिवहन सिर्फ 18.06% रहा।

सेवा सहकारी समिति घुवारा (छतरपुर): यहां 4986.00 क्विंटल गेहूं जमा है, लेकिन परिवहन मात्र 19.11% है।

सेवा सहकारी समिति सरकना (छतरपुर): 845.50 क्विंटल की खरीदी हुई, परिवहन 21.57% दर्ज किया गया।

सेवा सहकारी समिति डिकौली (छतरपुर): 2711.50 क्विंटल गेहूं के विरुद्ध केवल 23.03% परिवहन हो सका।

अधिकारी बोले- ठेकेदार को जारी कर रहे नोटिस

नागरिक आपूर्ति निगम के प्रभारी अधिकारी अभिषेक जैन ने स्वीकार किया है कि बारिश से भारी नुकसान हुआ है और ठेकेदार द्वारा समय पर माल का उठाव नहीं किया गया। समाधान के तौर पर विभाग अब 2700 मीट्रिक टन माल ट्रेन के जरिए बाहर भेजने और ठेकेदार को नोटिस जारी करने की बात कह रहा है।

बड़ी खबरें

View All

छतरपुर

मध्य प्रदेश न्यूज़

ट्रेंडिंग