नगरपालिका का कॉम्पलेक्स 10 साल से अटका, बिना अनुमति बन गए निजी व्यावसायिक भवन

जरूरी एनओसी के बिना ही जारी कर दी भवन निर्माण स्वीकृति
नेशनल हाइवे से दूरी को लेकर सरकारी निर्माण अटका, निजी भवन बनकर तैयार

By: Dharmendra Singh

Published: 04 Mar 2021, 09:02 PM IST

छतरपुर। शहर में सरकारी व्यावसायिक भवन और निजी व्यावसायिक भवनों को लेकर दोहरे मापदंड अपनाए जा रहे हैं। नेशनल हाइवे से समुचित दूरी न होने से नगरपालिका का कमर्शियल कॉम्पलेक्स दस साल बाद भी नहीं बन पाया है। जबकि निजी कमर्शियल भवन बिना अनुमतियों के खड़े हो गए हैं। वर्ष 2011 में छतरपुर नगर पालिका के बस स्टैंड स्थित सराय को 5 मंजिला शॉपिंग कॉम्प्लैक्स बनाने के लिए तोड़ा गया। इस मामले में एनएच से दूरी को लेकर हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि सभी विभागों से अनुमति लेकर ही निर्माण किया जाए। इसके बाद एनएच के मध्य से 120 फीट की दूरी तक निर्माण की अनुमति एनएच से लेनी होती है लेकिन परमीशन नहीं मिल सकी और पूरा प्रोजेक्ट फेल हो गया। वहीं दूसरी ओर एनएच के किनारे बने निजी व्यावसायिक भवनों के निर्माण में जरूरी एनओसी तक नहीं ली गई। फिर भी निर्माण करा लिया गया। नगरपालिका ने शहर के तीन बड़े कॉम्पलेक्स को नोटिस जारी कर जांच की तो अनुमतियों के बिना निर्माण का घालमेल सामने आया है।

बिना एनओसी दे दी निर्माण अनुमति
छतरपुर नगर पालिका के द्वारा भवन निर्माण की स्वीकृति में किया गया बड़ा कारनामा सामने आया है। नगर पालिका छतरपुर के द्वारा शहर की तीन विवादित बहुमंजिला इमारतों को बगैर टीएनसी विभाग की अनापत्ति लिए ही निर्माण स्वीकृति जारी कर दी गई। यह कारनामा नगर पालिका छतरपुर के द्वारा वर्ष 2015, 2018 एवं 2016 में किया गया। इन तीनों भवनों को निर्माण स्वीकृति देते समय न तो नगर एवं ग्राम निवेश कार्यालय द्वारा अनुमोदित नक्शे को देखा गया और न ही नियम कानून की समीक्षा की गई। अब नगर पालिका की इन्हीं निर्माण स्वीकृतियों को आधार बताकर शहर के छत्रसाल चौक के समीप रूसिया बिल्ंिडग, कांग्रेस कार्यालय के सामने स्थित रिकांडो बिल्डिंग एवं सटई रोड पर निर्माणाधीन अग्रवाल बिल्डिंग के द्वारा नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

इन खांमियों के बाद भी बन गए निजी भवन
पिछले दिनों जब सरकार द्वारा चलाए गए एंटी माफिया अभियान के तहत इन इमारतों से जुड़ी शिकायतें सामने आईं तब नगर पालिका ने संचालकों को नोटिस जारी किए थे। कई विभागों के नियमों का पालन किए बिना ही निर्माण कराए जाने पर जारी इन नोटिसों के बाद नगरपालिका ने कार्रवाई नहीं की है। रूसिया बिल्डिंग के संचालकों ने अलग-अलग भूखण्ड के स्वामित्व एवं रजिस्ट्री के बावजूद संयुक्त रूप से भवन में बेसमेंट, भूतल, प्रथम तल, द्वितीय तल निर्मित किया गया है जिसमें कुल निर्माण का क्षेत्रफल 4221.00 वर्गमीटर निर्मित पाया गया है। प्रकरण में यह पाया गया कि नगर पालिका द्वारा जारी निर्माण स्वीकृति में बेसमेंट निर्माण की अनुमति नहीं ली गई थी फिर भी संचालकों के द्वारा बेसमेंट निर्माण कर दिया गया। और एफएआर व भवन की ऊंचाई के संंबंध में निर्धारित विकास योजना के नियमों का पालन नहीं किया। इसी तरह संचालकों के द्वारा जवाहर मार्ग हाइवे से 70 फिट छोड़कर निर्माण किया जाना चाहिए था लेकिन निर्माण 48 फिट छोड़कर किया गया। इसी तरह का मामला रिकांडो बिल्डिंग के संचालक से भी जुड़ा हुआ है जिसमें बिल्डिंग का निर्माण भी बगैर टीएनसी की अनापत्ति लिए शुरू कर दिया गया। इसी तरह सटई रोड की अग्रवाल बिल्डिंग पर तो नजूल की जमीन पर कब्जे और बगैर टीएनसी की अनापत्ति लिए निर्माण कार्य करने के आरोप हैं।

विभागों से नियमों की जानकारी मंगाई
तीनों भवनों के संबंध में टीएनसी, पीडब्ल्यूडी एवं अन्य जिम्मेदार विभागों से उनके नियमों की जानकारी मांगी गई है। जैसे ही जानकारी कार्यालय को प्राप्त होती है भवनों के निर्माण से लेकर इनको जारी की गई अनुमतियों के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। मामला कलेक्टर के संज्ञान में है।

ओमपाल सिंह भदौरिया, सीएमओ, नपा छतरपुर

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