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छतरपुर

किशोर सागर के तालाब पर अतिक्रमण की नही हो पाई कार्रवाई, अब 13 फरवरी तक एनजीटी के आदेश के पालन का समय

2 साल से जिला न्यायालय कर रहा निगरानी, लेकिन प्रशासन नही कर रहा कार्रवाई

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छतरपुर. किशोर सागर तालाब पर अतिक्रमण के मामले में सुनवाई के बाद जिला न्यालाय ने आदेश पारित कर अतिक्रमण हटाने और 24 नंबवर तक प्रतिवेदन पेश करने के आदेश दिए थे. लेकिन चुनाव में व्यस्तता के नाम पर प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। कोर्ट ने अब 13 फरवरी को अगली सुनवाई की तारीख दी है। तब तक प्रशासन को एनजीटी के आदेश का पालन करने का समय मिल गया है। अपर सत्र न्यायाधीश हिमांशु शर्मा ने किशोर सागर तालाब से कब्ज़ा हटाने के एनजीटी के पूर्व आदेश का परिपालन कराने छतरपुर कलक्टर को निर्देशित किया है।

10 मीटर तक ग्रीन बेल्ट विकसित करने के आदेश का होना है पालन
किशोर सागर तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने के संबंध में दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी की भोपाल बेंच ने 27 अप्रेल 2014 को एक आदेश पारित किया था। इस आदेश में तालाब के संपूर्ण भराव क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त कराने को कहा गया है। भराव क्षेत्र के बाद गलियारा और 10 मीटर क्षेत्र में ग्रीनबेल्ट विकसित करने के आदेश दिए गए हैं। इस आदेश के तहत छतरपुर कलक्टर को अतिक्रमण हटाने और नगर पालिका छतरपुर को ग्रीनबेल्ट विकसित करने की जिम्मेदारी दी गई है। पर अब तक न्यायालय के इस आदेश का पालन नहीं किया गया है। जिला प्रशासन लगातार न्यायालय के आदेश की अवमानना कर रहा है।

कोर्ट ने अपने आदेश में की थी टिपप्णी फिर भी पालन नहीं
अपर सत्र न्यायाधीश हिमांशु शर्मा ने आदेश में लेख किया कि मप्र शासन ने 28 जून 2023 को प्रस्तुत प्रतिवेदन से प्रकट होता है कि शासन ने ग्रीन ट्रिब्यूनल के 7 अगस्त 2014 के निर्देश के संबंध में कोई कार्यवाही नहीं की। छतरपुर कलक्टर को सक्षम अधिकारी के माध्यम से एनजीटी के आदेश का अक्षरश: पालन कर अतिक्रमण को हटाने की कार्यवाही का प्रतिवेदन प्रस्तुत करना था। जिसे आज दिनांक तक नहीं किया गया। न ही आदेश के पालन में किशोर सागर तालाब के एफटीएल एवं 10 मीटर के क्षेत्र के संबंध में ग्रीन बेल्ट के निर्माण का कोई प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। जिससे स्पष्ट है कि कलक्टर, नगरपालिका, प्रदूषण विभाग द्वारा एनजीटी के आदेश दिनांक 7 अगस्त 2014 में दिये गए किसी भी निर्देश का जानबूझकर पालन नहीं किया जा रहा है। न्यायालय ने छतरपुर कलक्टर को एनजीटी के प्रवर्तन आदेश नम्बर 4/2 (सीजेड) आदेश दिनांक 20 सितंबर 2021 के पालन में निर्देशित किया है कि वह मूल आदेश 22/13 दिनांक 7 अगस्त 2014 के पालन में किशोर सागर तालाब में एनजीटी के आदेशानुसार चिन्हित स्थानों से अतिक्रमण हटवाए।


एनजीटी दो बार कर चुका है आदेश
तालाब के डूब क्षेत्र से अवैध कब्जा हटाने रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारी बीएल मिश्रा ने एनजीटी भोपाल में याचिका प्रस्तुत की थी। मामले में सुनवाई करते हुए एनजीटी ने तालाब के संपूर्ण भराव क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने आदेश दिए थे। लेकिन छतरपुर प्रशासन ने एनजीटी के आदेश बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की है। एनजीटी के आदेश का अपमान कर प्रशासन द्वारा कार्रवाई न करने का मामला दोबारा एनजीटी पहुंचा। जहां एनजीटी ने 20 सितंबर 2021 को जारी आदेश में पूर्व आदेश का निष्पादन कराने की जिम्मेदारी जिला न्यायाधीश छतरपुर को सौंप दी। अब यह मामला द्वितीय जिला न्यायाधीश डॉ. वैभव विकास शर्मा की अदालत में विचाराधीन है।

फाइलों में अटका आदेश, 150 अवैध निर्माण चिन्हित
मप्र राजस्व विभाग के आदेश पर कलक्टर ने अधीक्षक भू अभिलेख को कार्रवाई करने के लिए आदेशित किया। इस पर अधीक्षक भू अभिलेख ने 22 जनवरी 2021 को तहसीलदार छतरपुर को तालाब से अतिक्रमण हटाकर प्रतिवेदन पेश करने लिए आदेश पत्र जारी किया है। अब यह आदेश फाइलों में ही अटका हुआ है। पर कब्जेदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जिला प्रशासन की टीम किशोर सागर तालाब में अतिक्रमण स्थलों को चिन्हित कर चुकी है। कुल 150 अतिक्रमण स्थल चिन्हित किए गए हैं।