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न हाई बीम, न तेज रफ्तार… कोहरे में सुरक्षित ड्राइविंग का रास्ता बताया छतरपुर पुलिस ने, जारी किए 17 ज़रूरी सुरक्षा नियम

इन दिनों सुबह और देर रात सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो जा रही है। ऐसे में हाई बीम हेडलाइट, तेज रफ्तार और बार-बार लेन बदलना दुर्घटनाओं की सबसे बड़ी वजह बन रही है।

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कोहरा से दृश्यता हो रही कम

जिले में लगातार बढ़ रहे घने कोहरे और उससे जुड़ी सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए छतरपुर पुलिस ने आमजन और वाहन चालकों के लिए विस्तृत सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। पुलिस अधीक्षक अगम जैन के निर्देश पर जारी इस एडवाइजरी में साफ कहा गया है कि कोहरे के दौरान की गई छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे में बदल सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने कोहरे में वाहन चलाने के लिए 17 जरूरी सुरक्षा नियम तय किए हैं और नागरिकों से इनका सख्ती से पालन करने की अपील की है।

सुबह और देर रात सड़कों पर दृश्यता बेहद कम

पुलिस का कहना है कि इन दिनों सुबह और देर रात सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो जा रही है। ऐसे में हाई बीम हेडलाइट, तेज रफ्तार और बार-बार लेन बदलना दुर्घटनाओं की सबसे बड़ी वजह बन रही है। इसी कारण छतरपुर पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है, न हाई बीम का इस्तेमाल करें और न ही तेज गति से वाहन चलाएं।

एडवाइजरी में बताया गया है कि यात्रा पर निकलने से पहले मौसम का पूर्वानुमान जरूर जांचें। यदि घने कोहरे की चेतावनी हो तो अनावश्यक यात्रा को टालना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है। मजबूरी में सफर करना पड़े तो वाहन बेहद धीमी गति से चलाएं और सड़क की परिस्थितियों के अनुसार रफ्तार नियंत्रित रखें। वाहन की सभी लाइटें चालू रखें, लेकिन हाई बीम से बचें, क्योंकि इससे कोहरे की नमी की बूंदें रोशनी को वापस आंखों पर फेंकती हैं और दृश्यता और भी कम हो जाती है।

फॉग लाइट के उपयोग पर विशेष जोर

पुलिस ने लो बीम हेडलाइट और फॉग लाइट के उपयोग पर विशेष जोर दिया है। साथ ही आगे चल रहे वाहन से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है, ताकि अचानक ब्रेक लगने की स्थिति में टक्कर से बचा जा सके। सड़क के बाएं किनारे और फुटपाथ के निशानों को गाइड के रूप में उपयोग करने को कहा गया है, न कि सड़क की मध्य रेखा को।

एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन, तेज संगीत या अन्य किसी भी तरह के ध्यान भटकाने वाले साधनों से दूरी रखें। चालक का पूरा ध्यान सड़क पर होना चाहिए। इलेक्ट्रॉनिक चेतावनी संकेतों और ट्रैफिक साइन पर विशेष नजर रखने की भी हिदायत दी गई है।

सड़क के चलने वाले हिस्से पर वाहन खड़ा न करें

छतरपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि कोहरा इतना घना हो जाए कि आगे देख पाना मुश्किल हो, तो सड़क के चलने वाले हिस्से पर वाहन खड़ा न करें। ऐसी स्थिति में सड़क से पूरी तरह हटकर किसी सुरक्षित स्थान या पार्किंग एरिया में वाहन रोकें और पार्किंग लाइट व इमरजेंसी फ्लैशर चालू रखें, ताकि अन्य वाहन चालक आपको आसानी से देख सकें।

“क्या न करें”

“क्या न करें” के तहत पुलिस ने चेतावनी दी है कि कोहरे में सड़क पर रुकना बेहद खतरनाक है, क्योंकि इससे चेन रिएक्शन टक्कर की आशंका रहती है। कोहरा हल्का होते ही अचानक गति बढ़ाना भी जोखिम भरा है, क्योंकि आगे फिर से घना कोहरा मिल सकता है। इसी तरह धीमी गति से चल रहे वाहन को ओवरटेक करने या पीछे से आ रहे वाहन से बचने के लिए रफ्तार बढ़ाने से भी बचने की सलाह दी गई है।

पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने कहा कि छतरपुर पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए लगातार सतर्क है, लेकिन सड़क पर सुरक्षित माहौल तभी बन सकता है जब वाहन चालक स्वयं भी जिम्मेदारी समझें। नियमों का पालन, संयम और धैर्य ही कोहरे के मौसम में सुरक्षित यात्रा की सबसे बड़ी गारंटी है।