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अब और मौतें बर्दास्त नहीं, जल्द बने रिंग रोड, मिले राहत

शहर में नहीं है रिंग रोड, इसलिए हर दिन शहर के अंदर से गुजर रहे 10 हजार वाहनलोगों ने कहा- ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाएं रोकने के लिए रिंग रोड की जरूरत

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we need ring road

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पत्रिका अभियान-
छतरपुर। दो नेशनल हाइवे के क्रॉस पर बसे छतरपुर शहर में रिंग रोड न होने से लोग हर दिन परेशान हैं। ट्रैफिक जाम शहर की सबसे बड़ी समस्या बन गई है। नौगांव रोड से पन्ना रोड और महोबा रोड से सागर रोड पर दिन भर भारी वाहनों का फाफिला निकलता है। शहर के अंदर से भारी भरकम वाहनों के गुजरने से हर 10 मिनट पर जाम लगता है। ट्रैफिक जाम की समस्या शहर के लोगों की दिनचर्या की सबसे बड़ी मुसीबत है, जिससे हर शहरवासी को हर दिन गुजरना पड़ रहा है। इसके अलावा हर महीने औसत 16 सड़क दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। रिंग-रोड के निर्माण में लेटलतीफी को लेकर अब शहर के लोगों में आक्रोश है। प्रोजेक्ट को पूरा करने में हो रही लापरवाही पर शहरवासी मुखर होकर बोल रहे हैं। हर कोई यही कह रहा है कि अब और मौतें बर्दास्त नहीं, रिंग रोड जल्द बनना चाहिए, ताकि शहर से नेशनलहाइवे के वाहन न गुजरे और ट्रैफिक जाम व सड़क दुर्घटना से शहरवासियों को मुक्ति मिले।
ये कहना है शहर वासियों का
दो नेशनल हाइवे के वाहन शहर के अंदर से होकर गुजर रहे हैं। इस वजह से ही शहर का ट्रैफिक जाम होता है, सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, निर्दोष लोग अकाल मृत्यू का शिकार हो रहे हैं। रिंग रोड का निर्माण जल्द होना चाहिए, ताकि एक्सीडेंट में और लोगों की जान न जाए।
संजय शर्मा, शहरवासी
रिंग रोड जल्द बनेगा तभी शहर के अंदर हो रही सड़क दुर्घटनाओं से मुक्ति मिलेगी। ऐसा कोई महीना नहीं गुजरता जिसमें सड़क दुर्घटना न हो, किसी की जान न जाए, कोई अपाहिज न हो जाए। ऐसे में रिंग रोड का काम प्राथमिकता से होना चाहिए।
नीलम पांडेय, शहरवासी
रिंग रोड होता तो शहर के अंदर इस साल हुई सड़क दुर्घटनाओं में 43 लोग नहीं मारे जाते। उन 43 परिवारों के दर्द को समझना चाहिए, जिनके अपने अकाल ही मौत के गाल में समा गए। लोगों की जान सबसे कीमती है, रिंग रोड ही एक मात्र उपाय है, लोगों की जान बचाने का।
कमलेश लखेरा, शहरवासी
शहर में इस साल 145 हादसे हुए हैं, इन हादसों में 150 से ज्यादा परिवारों को जिंदगी भर का दर्द मिला है, किसी का अपना हमेशा के लिए चला गया तो किसी का परिजन महीनों अस्पताल में संघर्ष करता रहा। रिंग रोड बने, तो लोगों की जिंदगी बचे सके। परिवार बर्बाद होने से बच सकें।
कविता राज, शहरवासी
शहर का विस्तार होने से वाहनों की संख्या शहर में कई गुना बढ़ी है, ऊपर से दो नेशनल हाइवे के वाहन भी शहर के अंदर से गुजर रहे हैं। ऐसे में शहवासियों को रोजाना कितनी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। इसका ध्यान प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को रखना चाहिए।
अवध गर्ग, शहरवासी
शहर के अंदर सड़कों का दो साल पहले चौड़ीकरण किया गया, ताकि ट्रैफिक जाम न लगे, लोग सड़क दुर्घटना का शिकार न हो,लेकिन रिंग रोड निर्माण नहीं होने से चौड़ीकरण की कवायद का कोई फायदा नहीं मिला। जाम और दुर्घटनाएं आज भी समस्या बनी हुई हैं।
सचिन तिवारी, शहरवासी
शहर के अंदर रिंगरोड न होने से हमारे एक परिचित सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। कई महीने अस्पताल और डॉक्टरों के चक्कर काटना पड़े, पूरा परिवार इतने दिनों तक परेशानी में रहा। वो परिवार जिस परेशानी से गुजरा उसकी याद आने से भी डर लगता है।
सचिन मिश्रा, शहरवासी
रिंग रोड बन जाए तो, शहर के अंदर ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान हो जाए। कुछ महीने पहले बस स्टैंड पर नातिन को स्कूल छोडऩे जा रहे दादा व उसकी पोती की ट्रक के चपेट में आने से मौत हो गई। रिंग रोड होता तो उन दोनों की जान नहीं जाती। उस मां से पूछना चाहिए, जिसकी संतान की मौत हुई, तब समझ आएगा, रिंग रोड कितना जरूरी है।
भैया पाठक, शहरवासी