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दो हिस्सों में बनेगा एनटीपीसी का 1200 मेगावाट का पावर प्लांट

बरेठी में अधिग्रहित 3000 एकड़ जमीन पर लगेगा 550 मेगावाट का प्लांट बिजावर इलाके में 650 मेगावाट के प्लांट के लिए 1400 हेक्टेयर जमीन चिंहित

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1400 hectare land marked for 650 MW plant in Bijawar area

1400 hectare land marked for 650 MW plant in Bijawar area

छतरपुर। एनटीपीसी बरेठी में थर्मल की जगह सोलर पावर प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरु हो गई है। केन्द्रीय उर्जा मंत्री पियूष गोयल ने विधायक आलोक चतुर्वेदी के पत्र के जवाब में पत्र लिखकर बताया है कि एनटीपीसी का सोलर प्लांट दो हिस्सों में लगेगा, जिसकी प्रक्रिया जारी है। पहला पार्ट बरेठी में 550 मेगावाट और दूसरा पार्ट बिजावर इलाके में 650 मेगावाट का बनाया जाएगा। वर्ष 2017 से बंद पड़े प्रोजेक्ट निर्माण की प्रक्रिया जुलाई 2019 में मध्यप्रदेश विधानसभा में लाए गए अशासकीय प्रस्ताव के बाद सोलर प्लांट के लिए सहमति बनी और राज्य सरकार ने अशासकीय संकल्प पत्र केन्द्र को भेजा था। जिस पर सोलर पावर प्लांट लगाने की कवायद शुरु हो गई है। इसी क्रम में बिजावर इलाके के 6 गांव की 1400 हेक्टेयर जमीन का प्रस्ताव बनाया गया है। केन्द्रीय उर्जा मंत्रालय ने प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरु करने की बात कही है।
पर्यावरण मंजूरी में अटक गया था थर्मल पावर प्लांट
छतरपुर मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर ग्राम बरेठी में 28000 करोड़ की लागत से 2013 में प्रस्तावित एनटीपीसी के थर्मल पावर प्लांट के लिए 2839 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था। लेकिन पर्यावरण मंजूरी न मिलने कारण कोयले से बिजली बनाने के इस पावर प्लांट का वर्ष 2017 से अधर में लटक गया था। इस मुद्दे पर वर्ष 2019 में विधानसभा सत्र के दौरान विधायक आलोक चतुर्वेदी ने आवाज उठाई थी। उनके द्वारा इस पावर प्लांट को जल्द से जल्द चालू कराने के लिए विधानसभा में अशासकीय संकल्प लाया गया था। इस अशासकीय संकल्प पर प्रदेश विधानसभा के पक्ष और विपक्ष ने बिना बहस के अपनी सहमति दी और केंद्र सरकार को भेजने की मंजूरी दे दी। जिसके बाद सरकार ने इस अशासकीय संकल्प को केंद्र सरकार को भेज दिया था। विधानसभा में हुई चर्चा के दौरान एनटीपीसी ने पर्यावरण दिक्कतों के कारण हो रही समस्याओं को दूर करने का सुझाव देते हुए कहा था कि यदि यहां थर्मल यानी कोयले की जगह सोलर यानी सूर्य की रोशनी से बिजली बनाने का प्लांट लगाया जाए तो एनटीपीसी द्वारा अधिगृहित की गई जमीन का इस्तेमाल भी हो जाएगा और पर्यावरण से जुड़ी समस्याएं भी नहीं होंगी। मध्यप्रदेश सरकार व एनटीपीसी द्वारा इस मुद्दे पर अनौपचारिक सहमति बन चुकी थी। अब एनटीपीसी के इस पावर प्लांट को चालू कराने के लिए इसी सहमति के आधार पर आगे की प्रक्रिया शुरु हो गई है।
बिजावर में चिंहित हुई जमीन
सोलर प्लांट के लिए ज्याद जमीन की आवश्यकता को देखते हुए एनटीपीसी और जिला प्रशासन की टीम ने बिजावर इलाके के 6 गांव की 1400 हेक्टेयर जमीन का चिंहाकन प्लांट लगाने के लिए किया है। इस जमीन पर 650 मेगावाट सोलर बिजली का उत्पादन करने के प्लान पर एनटीपीसी काम कर रहा है। केन्द्रीय उर्जा मंत्री पियूष गोयल ने पत्र के जरिए इसकी पुष्टि की है। एनटीपीसी और बिजावर एसडीएम डीपी द्विवेदी ने संयुक्त रुप से बिजावर इलाके के ग्राम पुरवा, पटना, बंजर, नहरकुआं, गर्दा सहित ६ गांवों की 1400 हेक्टेयर जमीन सोलर प्लांट के दूसरे पार्ट के लिए चिंहित की है। इसका प्रस्ताव भी जिला प्रशासन के जरिए शासन को भेजा जा चुका है।
जमीन का हुआ चिंहाकन
एनटीपीसी की टीम के साथ प्लांट के लिए जमीन का सर्वे कर रिपोर्ट व प्रस्ताव भेजा जा चुका है। 6 गांव की करीब 1400 हेक्टेयर जमीन को प्लांट के लिए चिंहित किया गया है।
डीपी द्विेदी, एसडीएम, बिजावर
केन्द्रीय उर्जा मंत्री का जवाबी पत्र आया है। जिसमें एनटीपीसी का सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रक्रिया जारी रहने की बात कही गई है। 550 मेगावाट का प्लांट बरेठी और 650 मेगावाट का सोलर प्लांट बिजावर में लगाने की बात पत्र में लिखी गई है।
आलोक चतुर्वेदी, विधायक छतरपुर