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गणतंत्र दिवस की झांकी में जागरुकता प्रदर्शनी में अश्लील शब्दों का हुआ इस्तेमाल

बेटियों के सम्मान व जागरुकता के लिए बनाए गए नाटक में आपत्तिजनक शब्द पर हो रहा बबाल

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नाटक में आपत्तिजनक शब्द पर हो रहा बबाल

नाटक में आपत्तिजनक शब्द पर हो रहा बबाल

छतरपुर। जिले में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान महिला बाल विकास विभाग द्वारा दर्शाई गई प्रदर्शनी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इसमें सेफ सिटी को लेकर पुलिस की तत्परता को दिखाने के लिए मनचलों द्वारा पहले छेड़छाड़ की घटना समझाई गई, जिसमें कुछ लड़के सड़क से गुजरने वाली लड़कियों पर आपत्तिजनक कमेंट करते दिखाए गए हैं। पूरी प्रदर्शनी के दौरान यह भी दिखाया गया कि ऐसे मनचलों के खिलाफ पुलिस किस तरह कार्रवाई करती है। लेकिन गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व के मुख्य कार्यक्रम में सरकारी झांकी में अश्लील शब्दों के इस्तेमाल को लेकर आपत्तियां आ रहीं है। प्रदर्शन के वीडियो का एक अंश ट्वीट कर कांग्रेस नेता नरेन्द्र सलूजा ने आपत्ति जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर तंज कसते हुए पूछा है कि ये कैसा बेटियों का सम्मान?

इस मामले में महिला एवं बालविकास विभाग अधिकारी जीतेन्द्र गुप्ता का पक्ष जानने के लिए फोन किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। वहीं, भाजपा नेता व पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष अर्चना सिंह ने भी प्रदर्शनी में इस्तेमाल किए गए शब्दों को लेकर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि इसकी विधिवत शिकायत दर्ज कराएंगे। समाज को अच्छा बनाना है, इसके लिए बुराइयों के ताने-बाने को तोडऩा होगा। लेकिन गणतंत्र दिवस के पर्व पर आपत्तिजनक शब्दों वाली झांकी अनुचित है। उस दिन इन शब्दों की कोई जरूरत नहीं थी। वहीं, कांग्रेस नेत्री कीर्ति चौरसिया ने कहा कि इस मामले में वे महिला आयोग जाएंगी। उन्होंने विधायक व पूर्व विधायक, कलेक्टर-एसपी की मौजूजगी में गणतंत्र दिवस के मुख्य कार्यक्रम में इस तरह के शब्दों के इस्तेमाल पर कड़ी आपत्ति जताई है।