
Death on the bride's wedding day
छतरपुर। लवकुशनगर के परसतपुर गांव में शादी के दिन दुल्हन की डोली उठने की जगह अर्थी उठने की हृद्य विदारक घटना हो गई। बेहरपुर गांव के 24 वर्षीय युवक की परसतपुर की 20 वर्षीय युवती से शादी होनी थी। लेकिन शादी के एक दिन पहले दुल्हन की अचानक तबीयत खराब होने और फिर इलाज के दौरान शादी के दिन ही मौत हो गई। जो जीवन संगनी बनने वाली थी, उसके साथ सात फेरे लेने की जगह दूल्हे को उसकी अर्थी को कांघा देना पड़ा। दुल्हन की मौत के बाद से दूल्हा और दुल्हन के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शादी के दिन दुल्हन की मौत पर किसी को भी अभी भी भरोसा नहीं हो रहा है। जिस बेटी को ससुराल के लिए विदा करना था, उसे दुनिया से विदाई देने के बाद से परिजन सदमे में हैं।
ब्रेन हेमरेज से हुई मौत
परसतपुर के महादेव पटेल की बेटी पूजा की शादी बेहरपुर के मनोज से शनिवार को होनी थी। शुक्रवार को तिलक की रस्म थी, लेकिन उसके पहले ही पूजा की तबीयत अचानक खराब हो गई। परिजनों से उसे पहले लवकुशनगर के अस्पताल ले गए, जहां उसे भर्ती कराया, लेकिन हालात गंभीर होने पर डॉक्टर ने उसे शुक्रवार की रात में ही जिला अस्पताल रेफर कर दिया। दूल्हा मनोज को अपनी दुल्हन को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी लगी तो वह शुक्रवार की रात में ही शादी की रस्में छोड़कर जिला अस्पताल पहुंच गया। यहां पर उसने पूरी रात दुल्हन की देखभाल की, डॉक्टर उसका इलाज करते रहे। लेकिन शनिवार की दोपहर पूजा ने इलाज के दौरान ही दम तोड़ दिया। पूजा के दम तोड़ते ही दूल्हे के सपने और दुल्हन के परिजनों के अरमान टूट गए। डॉक्टर विजय पथोरिया ने बताया कि दुल्हन को ब्रेन हेमरेज हुआ था। इलाज किया गया, लेकिन हालत सुधरने के बजाए बिगड़ती चली गई,जिसकी वजह से मौत हो गई। पूजा की मौत के बाद मनोज पूजा के शव को गोद में लेकर फ ूट-फूटकर रोता रहा। उसे यकीन ही नहीं हो रहा था, कि उसकी दुनिया वसने से पहले ही उजड़ गई। शनिवार को दोपहर बाद दुल्हन के शव को परसतपुर ले जाया गया, जहां परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार की प्रक्रिया की, इसी बीच दूल्हा परिजनों के साथ दुल्हन के गांव पहुंचा और उसने जीवन संगनी न बन पाने वाली दुल्हन को कांधा देते हुए इस दुनिया से विदा किया।
मायके के बजाए दुनिया से हो गई विदाई
शादी के दिन अपनी बिटिया को दुनिया से विदा करने वाले महादेव पटेल ने बताया कि वे बेटी की शादी बड़े धूमधाम से कर रहे थे। एक महीने से शादी के लिए खरीददारी चल रही थी, बेटी को देने के लिए एक लाख रुपए के सोने और चांदी के गहने खरीदे गए। बेटी के नए जीवन में खुशियों की कल्पना करके परिवार के सदस्यों ने उसकी इक्छा के कपड़े व अन्य सामान की खरीदारी उसे बाजार ले जाकर कराई। एक सप्ताह से सारे रिश्तेदार और परिवार के लोग शादी की तैयारियां कर रहे थे। सभी खुश थे, लेकिन शुक्रवार को अचानक पूजा बेहोश हो गई। उसे पहले लवकुशनगर और फिर जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टर ने इलाज तो किया लेकिन पूजा को बचा नहीं सके। बेटी की मौत से पूरे परिवार के अरमान धरे के धरे रह गए। अचानक उसके बीमार होने और फिर इस दुनिया से विदा हो जाने के कारण परिवार के लोग सदमें में हैं। जिस बेटी को बड़े अरमानों से उसके ससुराल विदा करने की तैयारी थी, उसे इस दुनिया से विदा करना पड़ा। शनिवार को हाथों में मेहंदी लगी दुल्हन की डोली उठने के स्थान पर उसकी अर्थी उठ गई। जिन दो घरों में खुशियां बिखरने वाली थी, वहां मौत का मातम पसर गया।
Published on:
11 Mar 2019 06:00 am
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