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8 किमी पैदल चले राहुल, तब मिला आशीर्वाद

सिर्फ प्रधानमंत्री ही नहीं, मुख्यमंत्री भी सूखी मिट्टी और बंजर खेत देखने आएं। इस देश को सिर्फ उद्योगपति ही नहीं चलाते हैं।

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Widush Mishra

Jan 24, 2016


छतरपुर(महोबा).बुंदेलखंड के दौरे पर आए कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को उप्र के महोबा जिला के सूपा गांव में चौपाल में कहा कि मैं महोबा में बुंदेलखंड के किसानों का दर्द जानने आया हूं। सिर्फ प्रधानमंत्री ही नहीं, मुख्यमंत्री भी सूखी मिट्टी और बंजर खेत देखने आएं। इस देश को सिर्फ उद्योगपति ही नहीं चलाते हैं। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री किसान, मजदूर व गरीबों की ओर भी ध्यान दें।

सुबह 10 बजे पहुंचे खजुराहो
राहुल गांधी हवाई मार्ग से सुबह 10 बजे खजुराहो एयरपोर्ट पहुंचे। यहां से सड़क मार्ग द्वारा सूपा पहुंचे। यहां से महोबा जिले के लिए कार से रवाना हुए। सुबह 11:45 बजे पवा चौराहे के पास सूपा मंडी समिति पहुंचे। यहां से सूपा रेलवे स्टेशन के पास से होते हुए लाड़पुर तक आठ किलोमीटर की पदयात्रा की। रास्ते में सूपा खेल मैदान में किसान पंचायत की। इसके बाद महिला दल (राजीव गांधी सेल्फ हेल्फ गु्रप) के साथ सूपा चौराहे पर रेलवे स्टेशन के पास मीटिंग की। इसके बाद दोपहर 3:15 बजे कार द्वारा लाड़पुर से ग्राम मुढ़ारी के लिए प्रस्थान किया। 3:25 बजे मुढ़ारी ग्राम पहुंचे।

यहां इंदिरा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया। 3:40 बजे ग्राम मुढ़ारी से खजुराहो के लिए प्रस्थान किया। उन्होंने किसान यात्रा में मौजूद लोगों से पूछा कि क्या इससे पहले भी 230 रुपए किलो दाल खाई है। जरा प्रधानमंत्री मोदी से पूछिए कि आप लोगों के खाते में 15-15 लाख रुपए कब आएंगे। उन्होंने कहा कि हमने बुंदेलखंड के लिए पैकेज दिया लेकिन बुंदेलखंड तक नहीं पहुंचा। केंद्र सरकार को तत्काल बुंदेलखंड के किसानों का कर्ज माफ
करना चाहिए।

संसद में उठाएंगे बुंदेलखंड की समस्या
गांधी ने कहा कि कांग्रेस केंद्र की सत्ता में थी तो बुंदेलखंड के लिए स्पेशल पैकेज दिया था। हमने किसानों का कर्ज माफ किया। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि वे संसद में बुंदेलखंड के लोगों की समस्या को उठाएंगे। तेल की कीमतों को लेकर भी गांधी ने मोदी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि तेल की घटती कीमतों का लाभ देश के लोगों को नहीं मिल रहा है।

राहुल का सातवां महोबा दौरा
राजनीतिज्ञ जानकारों की मानें तो सियासत की पहली पारी राहुल गांधी ने बुंदेलखंड से शुरू की थी। जब से वह सक्रिय राजनीति में आए हैं तब से यह उनका महोबा में सातवां दौरा है। हर दौरे पर उन्होंने बुंदेलखंड के लोगों के जख्म पर मरहम लगाने की पूरी कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। हालांकि इस बार भी उनकी पदयात्रा को सफल बनाने के लिए प्रदेशभर के कांग्रेसी दिग्गजों ने तीन दिन पहले से ही महोबा में डेरा डाल दिया था।

खजुराहो में स्वागत
गांधी का विमान सुबह 10 बजे खजुराहो एयरपोर्ट पर उतरा। वे छतरपुर एनएसयूआई के कार्यकर्ता राजवद्र्धन मिश्रा, निक्की पाठक, राजीव शर्मा व ब्रह्मदत्त गौतम से थोड़ी देर के लिए मिले। इसके बाद संकट मोचन तिराहा पर उन्होंने गाड़ी रोकी और कार्यकर्ताओं से हाथ मिलाते हुए चले गए। सरमनलाल मिश्रा, आनंद मिश्रा, राजेंद्र अग्रवाल, बाबादीन अहिरवार, पार्षद अकरम, विनोद मिस्त्री, परमानंद विश्वकर्मा आदि मौजूद थे। संकट मोचन से बाईपास होते हुए महोबा के लिए रवाना हुए। हमा बाईपास पर उन्होंने गाड़ी रोकी और वृद्ध रहीसा बेगम पति हुसैन खान ने आशीर्वाद लिया। अपनी समस्याएं बताई तो राहुल ने भरोसा दिया कि वे कुछ करेंगे।

किसानों ने बताई समस्याएं
यूपी-एमपी सीमा पर स्थित कैमाहा गांव में सड़क किनारे राहुल गांधी के इंतजार में खड़े सैकड़ों किसानों ने कांग्रेस उपाध्यक्ष को अपना दुखड़ा सुनाया। शनिवार दोपहर 11:30 बजे राहुल गांधी कैमाहा पहुंचे। इस दौरान 200 से अधिक किसान मौजूद रहे। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि वे तरह किसानों के साथ हैं। वहीं सूखा राहत में धांधली, एमपी के कर्मचारियों की समस्या आदि से आलोक चतुर्वेदी ने राहुल गांधी को अवगत कराया और एमपी की भी हकीकत परखने के लिए यहां का भ्रमण करने का आमंत्रण दिया। इस मौजूद अनीस खान, पप्पू चौरसिया, स्वदेश जैन, भगवान दास कुशवाहा, पप्पू दाऊ आदि मौजूद थे।

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