
कथा के द्वितीय दिवस परीक्षित जन्म व विदुर मैत्री की कथा का किया वाचन
नौगांव। जीवन जीना सीखना है तो श्री रामायण से सीखो और मरना सीखना है तो भागवत गीता से सीखो। त्रिवेणी संगम में गंगा, जमुना, सरस्वती का मिलन होता है। मिलन में गंगा जमुना तो दिखाई देती हैं लेकिन सरस्वती को कोई नहीं देख पाता, सरस्वती को देखने के लिए कई बार प्रयास करने पड़ते हैं लेकिन सफलता नहीं मिलती। इसी तरह गीता में विज्ञान, वैराग्य और भक्ति है, लेकिन विज्ञान और वैराग्य तो दिखाई देता है लेकिन भक्ति नहीं दिखाई देती, भक्ति को देखने के लिए लीन होना पड़ता है। यह वचन कथा व्यास बागेश्वर धाम सरकार धीरेन्द्र कृष्ण महाराज ने नगर के मेला ग्राउंड में चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत कथा के दौरान दिए। इसके अलावा व्यास नारद संवाद परीक्षित जन्म वक्ता के दस लक्षण, रसिका भूवि भाविका, कुंती चरित्र, विदुर मैत्री प्रसंग की कथा श्रवण कराई।
नगर के हायर सेकेंडरी मेला ग्राउंड में गुरुवार से सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत कथा का आयोजन प्रारंभ की गई। कथा के दूसरे दिन कथा व्यास बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण महाराज ने द्वितीय दिवस ज्ञान भक्ति वैराग्य की कथा श्रवण करते हुए मोक्ष प्राप्ति की कथा श्रवण कराई। साथ ही व्यास नारद संवाद, परीक्षित जन्म, वस्ता के दस लक्षण, रसिका भूवि भाविका, कुन्ती चरित्र सहित विदुर मैत्री प्रसंग की कथा श्रवण कराई। कथा व्यास बागेश्वर धाम सरकार ने बताया कि हमेशा मधुर मीठा बोलो, वाणी के सुर सुधार लो, जिस तरह कौवा दिन भर कांय कांय करता है लेकिन कोई नहीं सुनता लेकिन जब कोयल बोलती है तो सब ध्यान से सुनते हैं इसी लिए कोयल बनो कौवा नहीं। जीव का कल्याण भगवत भजन से होगा क्योंकि जीव का जन्म प्रभु की भक्ति के लिए हुआ है, प्रभु का भजन जो जीव नहीं करता है पशु के समान होता है। अगर कल्याण चाहते हैं तो जन्म मरण के चक्कर से बचना चाहते हैं तो हरी भेजों, भगवान का भजन का भजन ही सार है बांकी सब बेकार है। इसके अलावा कथा वाचक बागेश्वर धाम सरकार जी महाराज ने कई प्रसंग सुनाए।
अनोखा दरबार, अनोखा आशीर्वाद
बागेश्वर धाम से पधारे धीरेंद्र कृष्ण महाराज के द्वारा शुक्रवार को दोपहर 12 बजे राम दरबार लगाया गया। जिसमें मनुष्य के जीवन से जुड़ी समस्याओं को सुना गया व उसका निवारण किया गया। चमत्कारी दरवार में जिस व्यक्ति का नाम महाराज दरबार से बोल कर बुलाते थे उसका पूरा जीवन का लेखा-जोखा पहले से ही अपने पास लिखकर रख लेते थे यह कैसा अनोखा दरबार है यह विचारणीय विषय है। दरवार के बीच में उज्जैन निवासी एक युवती दरवार में आए महाराज ने बीच में ही उसे उठाया और पूर्व में ही उसकी जीवन से जुड़ी बातें लिखकर रख ली। जिसे सभी भक्त हनुमान जी की कृपा बताते हैं। दरबार कीमत में शक्ति का आशीर्वाद तो दिया ही साथ ही साथ में एक घोषणा भी कर डाली। उज्जैन निवासी युवती के विवाह में धन की कमी के कारण विवाह में रुकावट आ रही थी, 7 जनवरी को भोपाल से विवाह होना है। जिसमें महाराज ने दरबार में घोषणा करते हुए कहा नौगांव में चल रही भागवत कथा में जो भी दान दक्षिणा आएगी वह युवती के विवाह में दी जाएगी। यह घोषणा सुनते ही उपस्थित युवती की आंखें नम हो गई। नगर के हायर सेकेंडरी मैदान मेला ग्राउंड में शाम 4.30 बजे से रात्रि 8.30 बजे तक चल रही कथा में नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं, युवतिया सहित अन्य धर्मप्रेमी बंधु पहुंच रहे हैं।
Updated on:
01 Nov 2019 11:23 pm
Published on:
02 Nov 2019 05:00 am
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