
Recognition of 4 nursing colleges of Chhatarpur canceled
छतरपुर. काउंसिल ने नर्सिंग संस्था में मूलभूत सुविधाएं नहीं होने और मापदंडों का पालन नहीं करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए छतरपुर जिले के ४ नर्सिंग कॉलेज सहित प्रदेश के 93 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता समाप्त की है। रजिस्ट्रार मध्य प्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के आदेश के बाद भी नर्सिंग कॉलेजों को अकादमी भवन, छात्रावास, लैब, उपकरण, संबंद्ध अस्पताल की जानकारी नहीं दी गई। काउंसिल ने नर्सिंग संस्था में मूलभूत सुविधाएं नहीं होने और मापदंडों का पालन नहीं करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के 93 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता रद्द कर दी है जिसमें छतरपुर के भी 4 कॉलेजों की मान्यता रद्द की गई है। छतरपुर के जिन नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता समाप्त की गई है उनमें फर्जी 100 बिस्तर के अस्पताल के सहारे संचालित हो रहे रामदेव कॉलेज ऑफ नर्सिंग, एसबीएन स्कूल ऑफ नर्सिंग, श्रीकृष्णा नर्सिंग कॉलेज और स्वामी विवेकानंद नर्सिंग कॉलेज की मान्यता रद्द की गई है।
गौरतलब है कि एड. विशाल बघेल की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई की। जिसमें मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल की ओर से उपमहाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने काउंसिल रजिस्टार सुनीता सिंजू का शपथ पत्र पेश किया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि गत वर्ष 2020-21 में खुले हुए 453 कालेजों में से 94 को इस वर्ष मान्यता नवीनीकरण की अनुमति नहीं दी गई है। अनियमितता के चलते 93 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता 22 अगस्त को निलंबित कर दी गई है।
Published on:
24 Aug 2022 07:03 pm
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