
Sand tractor The death Administration not giving meditation
छतरपुर। कुमकर्णी नींद से जागे प्रशासन द्वारा अब रेत का उत्खनन करने वालों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई कर वाहवाही लूटी जा रही है। लेकिन यह कार्रवाई कुछ दिनों बाद एक ठंडे बस्ते में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी डाल दी जाएगी। इसके बार फिर रेत कारोबारियों के हौसले बुलंद हो जाएगे। प्रशासन द्वारा भले ही खदानों ंपर दविश दी जा रही है। लेकिन जिले में मौत बनकर दौड़ रहे रेत के टै्रक्टरों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिस कारण तेज रफ्तार ट्रैक्टर चालकों द्वारा आए दिन मासूम जिंदगी छीन रहे है। एक महीने के अंदर जिले में एक दर्जन मौते रेत से भरे ट्रैक्टरों से हो चुकी है। वहीं कई घायल भी हुए है। पुलिस प्रशासन द्वारा शहर में मौत बनकर दौड़ रहे इन ट्रैक्टर चालकों पर लगाम नहीं कसी जा रही है। शहर में दिन-रात रेत से भरे ओवर लोड ट्रैक्टर प्रशासन की नाक तले बेधड़क दौड रहे है। प्रशासन ने खदानों पर हो रहे खून खेल को बंद करने के लिए खदानों पर १४४ की धारा के तहत दस किमी दूरी तक लाइसेंसी बंदूक ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। लेकिन कुछ दिनों बाद इसे भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन द्वारा डंप की जा रही रेत को जब्त किया जा रहा है। जिसमें कई ट्रक व एलएनटी जब्त की गई है। लेकिन प्रशासन का शहर में ओवर लोड रेत से भरे ट्रैक्टर चालकों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। यदि समय रहते इनकी रफ्तार पर लगाम नहीं लगाया गया तो और भी जिंदगियां छीन सकती है। वहीं प्रशासन के रोक के बाद शहर के मुख्य मार्गो पर सुबह से ही रेत से भरे ट्रैक्टर खड़े होते है। जैसे गायत्री मंदिर के पास और पन्ना नाका स्थित कलेक्टर बंगला व अन्य क्षेत्रों में रेत के ट्रैक्टरों की दुकान सजाई जाती है। लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा दिनों से कार्रवाई नहीं की गई। फिलहाल अभी पांच दिन पहले पुलिस ने एएसपी के आदेश के बाद तीन ट्रैक्टरों पर कार्रवाई की गई थे। लेकिन इसके बाद यह कार्रवाई ठंडे बस्ते में फिर डाल दी गई। ओवर लोड़ रेत से भरे ट्रैक्टरों ने दो महीनों में एक दर्जन से अधिक जिंदगी छीन चुकी है। रोजाना रात-दिन और सुबह से दौड़ रहे टै्रक्टरों से बच्चों की जान को जान का खतरा बना रहता है।
जा चुकी गई जानें :
रेत से भरे ट्रैक्टर ने जून माह बमीठा थाना के गंज के समीप एक आठ वर्षीय मासूम बच्ची को रौंद दिया था। जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। दूसरी घटना अलीपुरा गांव के पास की है। जहां दो बाइक सवारों को रेत से भरे ट्रैक्टर ने कूचल दिया था। जिससे एक की मौत हो गई थी। वहीं दूसरे की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया था। ऐसे ही एक दर्जन घटनाओं में कई मौते हो चुकी है। रविवार को गर्भवती महिला की रेत खदान में गड्डे में दबने से मौत भी हो चुकी थी। प्रशासन को चाहिए कि समय रहते इन पर लगाम लगाते हुए कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। जिससे इनके द्वारा नियमों पर ताक पर रखकर रेत का परिवहन न कर सके।
इनका कहना है:
पुलिस द्वारा पांच दिन पहले रेत से भरे ट्रैक्टरों पर कार्रवाई की गई थी। ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
- संजय जायसवाल, यातायात प्रभारी
Published on:
26 Jun 2018 12:11 pm
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