छतरपुर. पर्यटन नगरी खजुराहो एवं राजनगर में जल्द ही 93 करोड़ की लागत से सीवरेज प्रोजेक्ट शुरू होगा। इस प्रोजेक्ट कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। इस प्रोजेक्ट का कार्य लोक निर्माण विभाग की पीआइयू (परियोजना क्रियान्वयन इकाई) की देखरेख में होगा। पीआइयू के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीडी तिवारी ने बताया कि यह सागर संभाग नगर परिषदों में पहला प्रोजेक्ट होगा। उन्होंने बताया कि खजुराहो-राजनगर में इस प्रोजेक्ट के लिए मल जल ट्रीटमेंट के प्लांट लगाए जाएंगे। जहां हर घर के नालों नालियों को इन प्लांट से जोड़ा जाएगा और यहां से मलजल से किए गए शुद्ध जल को कृषि बागवानी एवं अन्य उपयोग में लाया जाएगा।

तालाबों में नहीं जाएगा गंदा पानी
खजुराहो- राजनगर तालाब में नहीं जाएगा गंदा पानी इस प्रोजेक्ट के तैयार हो जाने के बाद जहां राजनगर के जल सेना एवं थानेर तालाब को नालियों के जल मल से मुक्ति मिलेगी। वहीं खजुराहो के शिव सागर, ननोरा एवं प्रेम सागर भी शुद्ध हो जाएंगे। अभी दोनों नगर परिषद के अधिकांश घरों की नालियों का पानी उपरोक्त तालाबों में जाता था, जो स्नान योग्य भी नहीं। पर अब प्रोजेक्ट पूर्ण हो जाने के बाद तालाब स्वच्छ हो जाएंगे।

कंपनी अगस्त 2026 तक पूरा कर लेगी काम
प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने बताया कि सीवरेज प्रोजेक्ट का काम अहमदाबाद के मेसर्स पीसी स्नेहल एंड एफिल कंस्ट्रक्शन कंपनी को मिला है। कंपनी अनुबंध के अनुसार इस सीवरेज प्रोजेक्ट को 28 अगस्त 2026 तक पूर्ण करेगी। जिसके अंतर्गत जहां रास्तों में 5898, घरों की 36.25 किलोमीटर एवं राजनगर के 3178 घरों की 21 किलोमीटर की डिस्ट्रीब्यूटर लाइन को ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़ेगी।
बागवानी में इस्तेमाल होगा पानी
पीडी तिवारी ने बताया कि इस शुद्ध किए जल का इस्तेमाल पेयजल के लिए नहीं होगा। सिर्फ कृषि, बागवानी एवं लिक्विड फर्टिलाइजर के रूप होगा। जिससे कृषि और उत्तम बागवानी से फल फूल उगाए जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि इसके लिए डोर टू डोर सर्वे होगा, इसके लिए निर्माण एजेंसी भी तय हो चुकी है जिसके नाम टेंडर पास हुआ है। इस परियोजना से खजुराहो नगर परिषद अरुण अवस्थी एवं राजनगर अध्यक्ष जीतू वर्मा ने कहा कि अब नगर परिषद के रहवासियों को नाली के जल मल के कुप्रभाव से मुक्ति मिलेगी और लोग स्वस्थ रहेंगे। साथ ही जल मल से किए गए शुद्ध पानी से लोग कृषि एवं बागवानी कर सकेंगे।
