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छतरपुर

हॉकर्स जोन बनाकर भूले साप्ताहिक बाजारों को नेशनल हाइवे से शिफ्ट करना

बार-बार हटाए गए सड़क किनारे के दुकानदार, लेकिन शहर में हर रोज सड़क पर लग रहे साप्ताहिक सब्जी बाजार

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छतरपुर. शहर से निकले नेशनल हाइवे के किनारे लगने वाले साप्ताहिक सब्जी बाजार व दुकानें सड़क किनारे से शिफ्टिंग को नगर पालिका बार-बार भूला दे रहा है। सड़क किनारे दुकान व बाजार न लगे इसके लिए शहर में जनवरी माह में हॉकर्स जोन बनाने की शुरुआत की गई। छत्रसाल चौक, सटई, महोबा रोड पर हॉकर्स जोन बनाकर स्थाई रुप से दुकान लगाने की जगह निर्धारित कर दी गई है। छत्रसाल चौक व पन्ना नाका के हॉकर्स जोन में दुकाने लग भी रही हैं, लेकिन उसके बाद न तो साप्ताहिक बाजार शिफ्ट हुए, न ही शहर के अन्य स्थानों पर हॉकर्स जोन बनाए गए।

सड़क किनारे के दुकानदारों के लिए हॉकर्स जोन की ये है योजना
छत्रसाल चौक से छत्रसाल चौराहा से अदालत रोड होते हुए बिजावर नाका तक सड़क किनारे लगने वाली फल एवं सब्जी की दुकानो को मेला ग्राउंड में व्यस्थित किया गया। यह दुकानें स्थाई रूप से इसी जगह पर लगाई जा रही हैं। वहीं महोबा रोड पर लगने वाले साप्ताहिक हाट बाजार को शिफ्ट किया जा रहा है। इसके लिए उन्ही इलाकों में हॉकर्स जोन बनाए गए। नगर पालिका के द्वारा सटई रोड कलक्टर बंगला के पास और मेला ग्राउंड में हॉकर्स जोन बनाए गए है। इसके साथ ही शहर के सभी फुटपॉथ और सड़क किनारे दुकाने लगाने वाले छोटे दुकानदारों के लिए सागर रोड और पन्ना रोड पर जगह निर्धारित कर हॉकर्स जोन बनाए जाने हैं। लेकिन बाद में होने वाले ये काम आजतक नहीं हो सके।

बाजार के लिए दो जगह आरक्षित, सात दिन लगते है बाजार
पूरे शहर में साप्ताहिक सब्जी बाजार के लिए केवल रविवार को मेला ग्राउंड और बुधवार को पुरानी गल्ला मंडी में रामचरित मानस प्रांगण में ही जगह आरक्षित है। ये जगह भी दशकों पहले जब छतरपुर की आबादी कुछ हजार हुआ करती थी, तब आरक्षित किए गए थे। समय के साथ शहर की आबादी बढ़कर लगभग तीन लाख हो गई। इसके साथ ही शहर में लगने वाले दो साप्ताहिक बाजार रविवार और बुधवार से बढ़ते गए और अब हर दिन किसी न किसी इलाके में साप्ताहिक सब्जी बाजार लगता है। लेकिन सप्ताह में पांच दिन लगने वाले साप्ताहिक बाजार के लिए जगह न होने से ये बाजार सड़क किनारे ही लगते हैं। जबकि रविवार का बाजार जगह आरक्षित होने के वाबजूद अपने आकार के चलते सड़क पर आज भी लग रहा है। रविवार, शुक्रवार और गुरुवार को नेशनल हाइवे पर और सोमवार, मंगलवार ,बुधवार , शनिवार को शहर के विभिन्न इलाकों की मुख्य सड़कों पर ही बाजार लगते हैं।

बाजारों के लिए जगह जरूरी
दुर्घटना और ट्रैफिक जाम से बचने के लिए जरुरी है, कि न केवल नेशनल हाइवे पर लगने वाले बल्कि अन्य सड़कों पर लगने वाले बाजारों के लिए जगह देने की जरुरत है, ताकि बाजार के कारण ट्रैफिक जाम न लगे। साप्ताहिक बाजार लाइफ लाइन माने जाते हैं, इसलिए शहर के हर इलाके में बाजार लगने से लोगों को सुविधा होती है, लेकिन यही बाजार सड़क किनारे से हटाकर मैदान में लगने लगे तो ये सुविधा और भी बढ़ जाएगी। लोगों को न तो ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ेगा न ही सड़क पर बाजार होने से दुर्घटना के हालात बनेंगे। बाजार की जगह के लिए नगरपालिका को खुद ही पहल करने की जरुरत है, नगरपालिका को खुद की या फिर राजस्व या नजूल से जमीन लेकर बाजार की जगह निर्धारित करनी होगी, तभी इस समस्या का समाधान हो सकता है।

फैक्ट फाइल
साप्ताहिक बाजार – 7
नेशनल हाइवे पर बाजार – 3
अन्य सड़कों पर बाजार- 4