
धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री
छतरपुर. सिद्धपीठ बागेश्वर धाम में शुक्रवार से 7 दिनों तक श्रीमद् भागवत कथा प्रारंभ हो गई। विशाल कलश यात्रा के साथ इस कथा की शुरूआत हो गई। कथाव्यास के रूप में बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ज्ञान गंगा बहाएंगे। पहले दिवस श्रीमद् भागवत महापुराण के महत्व पर महाराज ने उद्बोधन दिया।
बागेश्वर धाम स्थित बालाजी मंदिर से कलश यात्रा शुरू हुई तथा यजमानों ने सिर में कलश रखकर यात्रा में हिस्सा लिया। मङ्क्षदर प्रांगण से कलश यात्रा पुरानी अन्नपूर्णा के पास कथा स्थल तक आयी। महाराज ने श्रीमद् भागवत महापुराण की कथा सुनाते हुए कहा कि जहां भक्त की हां होती है वहीं भगवान प्रकट होते हैं। उन्होंने कहा कि पुरूषार्थ और परमार्थ से ही परमात्मा प्राप्त होते हैं। 322 साल पहले सन्यासी बाबा ने इस छोटे से गढ़ा ग्राम में तप किया जिसके प्रताप से आज विश्व के कोने-कोने में बागेश्वर धाम को जाना जाता है। सन्यासी बाबा की तपस्या से ही बालाजी प्रकट हुए। महाराजश्री ने भाव से परमात्मा को स्मरण करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जो भाव के साथ ईश्वर का स्मरण करता है ईश्वर उन्हें एहसास कराते हैं। हजारों की संख्या में कथाप्रेमी कथा श्रवण कर रहे है। मंगलवार छोडकऱ अन्य दिनों में दिव्य दरबार भी लगाया जाएगा।
कथा पण्डाल से लेकर मंदिर प्रांगण और आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी लेते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह ने सभी स्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने एसडीओपी खजुराहो को संपूर्ण व्यवस्था प्रभारी का दायित्व सौंपा है। एसडीओपी की सहायता के लिए निरीक्षक सुनील शर्मा, हरी सिंह, परशुराम डाबर, परमात्मादीन के अलावा बमीठा थाना प्रभारी उपनिरीक्षक मोहर सिंह एवं बागेश्वर धाम चौकी प्रभारी देवेन्द्र यादव सहयोग करेंगे। दो शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है। सुबह 4 बजे से दोपहर 12 बजे तक एक शिफ्ट में पुलिस बल काम करेगा। वहीं दोपहर 12 बजे से कथा समाप्ति तक दूसरे शिफ्ट के पुलिस बल व्यवस्था देखेंगे।
Published on:
19 Oct 2024 10:41 am
बड़ी खबरें
View Allछतरपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
