
टीकमगढ़। बेटी को सामान देने पहुंची महिलाएं।
पिता की बीमारी में रुपए खर्च होने से आ गया था बेटी के विवाह का संकट
टीकमगढ़. बेटी हुई तो उसे लाज से पाल-पोष कर बड़ा किया और उसके विवाह के लिए कुछ रकम भी जोड़ी, लेकिन कहते है कि गरीब को हर पल परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है। ऐसे में जब बेटी का विवाह तय किया तो पिता को गेंगरीन रोग हो गया और उसका एक पैर काटना पड़ा। ऐसे में जमा पूंजी इलाज में खर्च हो गई तो अपाहित पिता के सामने बेटी के विवाह का संकट खड़ा हो गया। सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी हुई तो एक बार फिर से महिलाएं सामने आई और उन्होंने बेटी के विवाह के लिए मदद की है।
शहर में वृद्धाश्रम का संचालन करने वाली मातृ शक्ति संगठन की महिलाओं ने एक बार फिर से मानवता की मिशाल पेश की है। संगठन की श्रद्धा चौहान एवं शिवांगी पाठक ने बताया कि वह लोग अपने गुरु महाराज की पुण्यतिथि के अवसर पर जिला अस्पताल में खिचड़ी बांटने पहुंचे तो वहां पर तालदरवाजा निवासी रामकिशोर कुशवाहा ने अपनी परेशानी बताई। उन्होंने बताया कि बेटी का विवाह तय किया था और उसी समय पैर में गेंगरीन हो जाने से उनका एक पैर काटने के साथ ही दूसरे पैर की तीन अंगुलियां काटनी पड़ी है। ऐसे में वह जहां काम नहीं कर पा रहे है तो बेटी के विवाह के लिए रखा रुपए भी खर्च हो गया है। उनकी इस परेशानी की जानकारी होने पर तत्काल ही संगठन की महिलाओं ने उनकी मदद का आश्वासन दिया और शनिवार को बेटी के विवाह में लगने वाला आवश्यक सामान क्रय कर उसके घर पहुंचा दिया। मातृशक्ति संगठन की महिलाओं ने बेटी के विवाह के लिए अलमारी, सोफा सेट, खिचड़ी भर कर एक स्टील की टंकी, सूटकेस, सात साड़ियां, मेकअप बॉक्स, चूड़ी बॉक्स, बर्तनों का सेट, स्टील का थाल, पायल, बिछिया, पर्स सहित पूरा सामान दिया है। साथ ही घर पहुंच कर बेटी खुशबू के सुखमय जीवन की कामना की है। विदित हो कि रामकिशोर की बेटी के मदद के लिए और भी लोग आगे आ रहे है।
Published on:
06 Jul 2024 05:01 pm
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