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Mahashivratri 2018 महादेव के विवाह की तैयारियां शुरू, तैयार हो गई माता पार्वती की लगन, 12 को सजेगा मंडप

जिले के प्रसिद्ध जटाशंकर धाम मंदिर में शिव विवाह की नई परंपरा विवाहोत्सव के रूप में मनाएगा ट्रस्ट

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छतरपुर। जिले के प्रसिद्ध जटाशंकर धाम मंदिर में इस बार शिवरात्रि पर भोलेनाथ के विवाह का आयोजन खास होगा। पिछले साल से जटाशंकर ट्रस्ट द्वारा शुरू की गई विवाहोत्सव की परंपरा में इस बार नए आयाम जोड़े गए हैं। इसके तहत माता पार्वती की लगुन पत्रिका लिखने और पढऩे की रस्म खास तौर पर कराई गई। भगवान जटाशंकर के विवाह के लिए यहां का ट्रस्ट वधु पक्ष की भूमिका निभाएगा। वहीं पास के ही चांदा गांव और जटाशंकर धाम से जुड़े श्रद्धालु वर पक्ष की भूमिका में नजर आएंगे। कुल मिलाकर इस बार जटाशंकर का शिवरात्रि महोत्सव अपने आप में खास होगा।

माता पार्वती की लगुन लिखी गई, मंडप के दिन होगी बुंदेली पंगत :
इस बार जटाशंकर में शिव विवाह की रस्में बसंत पंचमी के साथ ही शुरू हो गई है। इसी के साथ विवाह की तैयारियां भी चलने लगी हैं। बसंत पंचमी पर जटाशंकर धाम में ट्रस्ट अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने विधि-विधान से पूजन कराकर लगुन पत्रिका मंदिर के पुजारी को सौंपी। लगुन पत्रिका के वाचन के बाद आगे की विवाह रस्में जटाशंकर में शुरू हो गईं। ट्रस्ट अध्यक्ष अग्रवाल ने बताया कि 12 फरवरी को भगवान जटाशंकर और माता पार्वती के विवाह का मंडप पूरे विधि-विधान से सजेगा। इसके बाद मंदिर ट्रस्ट के भंडारा में मंडप के दिन खिलाए जाने वाले बुंदेली पकवान परोसे जाएंगे। १३ फरवरी को मातृका पूजन की रस्म पूरी कराई जाएगी। इस दौरान यहां पर विवाह गीतों का कार्यक्रम भी होगा।

चांदा गांव से नाचते-गाते जटाशंकर पहुंचेगी बारात :
पिछले साल की ही तरह इस बार भी जटाशंकर के तीन किमी दूर स्थित चांदा गांव से 14 फरवरी को शिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ की बारात निकलेगी। बारात दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। जो शाम 5 बजे तक जटाशंकर पहुंचेगी। यहां पर भगवान का भव्य अभिषेक होगा और उन्हें दूल्हा भेष में सजाया जाएगा। इसके बाद विवाह की रस्में होंगी। पूरी रात यहां पर जवाबी कीर्तन का आयोजन भी किया जाएगा। भगवान के विवाह प्रसंग की झांकी और विवाह से जुड़ी कुअंर कलेऊ तथा विदाई की रस्में अगले दिन तक पूरे विधि-विधान से होंगी।