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तीन साल में 14 प्रतिशत बढ़ी आम आदमी की आय लेकिन खर्चों की रफ्तार हुई 33 फीसदी तेज

दाल, तेल, दूध और चीनी की कीमतों में भारी उछाल से मध्यम वर्ग परेशान, एनएसओ के घरेलू उपभोग व्यय सर्वे में सामने आया शहर और गांव के खर्च का बड़ा अंतर

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एआइ फोटो

पिछले तीन वर्षों में आम आदमी की थाली लगातार महंगी हुई है। जनवरी 2023 से फरवरी 2026 के बीच रसोई की जरूरी चीजों के दाम जिस तेजी से बढ़े हैं, उसने आम आदमी और विशेषकर मध्यम वर्ग के बजट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि इस अवधि में प्रति व्यक्ति औसत आय में केवल 12 से 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि उपभोग खर्च बढऩे की दर 33 प्रतिशत तक तेज हो गई है।

रसोई की बुनियादी चीजें हुई पहुंच से दूर

रिपोर्ट के अनुसार पैकबंद वनस्पति तेल की कीमत 138.63 रुपए से बढकऱ 156.64 रुपए प्रति किलो हो गई है। इसी तरह सरसों तेल 189.31 रुपए और पाम ऑयल 134.74 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। दालों की कीमतों ने भी आम आदमी को जोर का झटका दिया है; चना दाल 85.76 रुपए और अरहर दाल 120.24 रुपए प्रति किलो के स्तर पर है। इसके अलावा दूध के दाम में करीब 4 रुपये प्रति लीटर और चीनी में 5 रुपए प्रति किलो तक की बढ़त दर्ज की गई है।

तुलनात्मक चार्ट- बढ़ती महंगाई का गणित (कीमतें रुपए में)

राशन सामग्री जनवरी 2023 फरवरी 2026 कुल बढ़त

गेहूं (प्रति किलो) 32.79 35.11 2.32

आटा (प्रति किलो) 37.51 40.59 3.08

चावल (प्रति किलो) 38.09 42.98 4.89

उड़द दाल (प्रति किलो) 107.13 115.98 8.85

मूंग दाल (प्रति किलो) 103.44 110.63 7.19

गुड़ (प्रति किलो) 48.44 56.91 8.47

दूध (प्रति लीटर) 55.77 59.16 3.39

चीनी (प्रति किलो) 41.83 46.35 4.52

एनएसओ सर्वे- शहर और गांव के खर्च में 2874 रुपए का अंतर

नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (एनएसओ) के घरेलू उपभोग व्यय सर्वे के मुताबिक, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के रहन-सहन के खर्च में बड़ा अंतर देखा गया है। वर्ष 2023-24 के आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति औसत मासिक खर्च 4122 रुपए था, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह बढकऱ 6996 रुपए हो गया है। इसका अर्थ है कि शहरों में रहने वाला व्यक्ति गांव के मुकाबले हर महीने औसतन 2874 रुपए ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है।

राहत की कुछ बूंदें

महंगाई के इस दौर में कुछ चीजों ने राहत भी दी है। आलू की कीमतों में प्रति किलो 1.07 रुपए की गिरावट आई है, वहीं मसूर दाल (94.19 से घटकर 89.16 रुपए) और खुली चाय के दाम भी मामूली रूप से कम हुए हैं। नमक और प्याज की कीमतों में भी कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है, जिससे इन चीजों पर महंगाई का ज्यादा असर नहीं पड़ा। कुल मिलाकर, बढ़ती महंगाई और आय की धीमी रफ्तार ने छतरपुर सहित पूरे क्षेत्र के परिवारों के लिए महीने का किचन बजट संभालना एक बड़ी चुनौती बना दिया है।