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जिसे मैं की हवा लगी, उसे न कभी दुआ और न दवा लगी- बागेश्वर धाम सरकार

- भागवत कथा के चौथे दिन हुआ भगवान का अवतार- जब जब पृथ्वी पर अत्याचार बड़ा तब तब भगवान ने अवतार लिया- नृसिंह अवतार, बामन, राम के बाद जन्मे भगवान कृष्ण

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जिसे मैं की हवा लगी, उसे न कभी दुआ और न दवा लगी- बागेश्वर धाम सरकार

जिसे मैं की हवा लगी, उसे न कभी दुआ और न दवा लगी- बागेश्वर धाम सरकार

नौगांव। नगर के हायर सेकेंडरी मेला ग्राउंड में कार्तिक मास पर्व पर निरंतर चल रही संगीतमय भागवत कथा के चौथे दिन भगवान के जन्म की लीलाओं का वर्णन किया गया। जिसमें कथा बाल व्यास बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण महाराज ने सर्वप्रथम नृसिंह अवतार, फिर बामन भगवान के साथ साथ मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के जन्म की कथा सुनाई। इसके बाद चंद्र वंश का वर्णन करते हुए भगवान कृष्ण जन्म उत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। जिसमें अनेक भक्तगण बधाई गायन में झूम कर नाचे। पवित्र मास कार्तिक पर चल रही मेला ग्राउंड में संगीतमय भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें बागेश्वर धाम से पधारे धीरेंद्र कृष्ण महाराज के मुखारविंद से सभी धर्मप्रेमी बंधुओं को कथा श्रवण कराई जा रही है। भागवत कथा के चौथे दिन रविवार को भगवान के अवतारों का वर्णन करते हुए भक्तों को कथा रस पान कतरे हुए श्रीमद् भागवत के पुनीत प्रसंगों में प्रकाश डाला कि जीवन में जो भक्ति का आश्रय लेता है। उनके घर में प्रहलाद जैसे पुत्र प्रकट होते हैं जो यथार्थ का ज्ञान कराते हैं। व्यास जी ने प्रह्लाद चरित्र का वर्णन करते हुऐ हिरण्य कश्यप का वध किया इसके बाद वामन भगवान का अवतार हुआ। जिसमें कथा के दौरान बावन भगवान की दिव्य झांकी का दर्शन भी श्रोताओं ने किया।
गोस्वामी तुलसीदास जी की चौपाइयों का वर्णन करते हुए बागेश्वर धाम महाराज ने कथा के माध्यम से बताया कि जब जब होय धर्म की हानि, बाढ़ही असुर अधम अभिमानी। जब-जब धर्म की हानि होती व अधर्म और अत्याचार पृथ्वी पर बढ़ जाता है तब तब प्रभु प्रभु धरी विविध शरीरा, तब तब भगवान विविध रूप में अवतार लेकर धरा धाम पर आते हैं। सज्जनों, संतों, गौ, ब्राह्मण, भूमि की पीड़ा का हरण करते हैं और अभय वरदान देते हैं राक्षसों का संघार करते हैं और धर्म की रक्षा करते हैं धर्म का पाठ पढ़ाने ही भगवान अवतार लेते हैं। इसके बाद भागवत कथा के चलते सूर्यवंश का वर्णन करते हुए श्री राम जन्म की कथा के दौरान चारों भाई राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न का जन्म हुआ व राम जन्म की बधाईयां गाई गई। भागवत कथा के चलते चंद्रवंश का वर्णन करते हुए कथा बाल व्यास वेदिका महाराज ने कृष्ण जन्म की कथा के माध्यम से भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। जिसमें कथा श्रवण कर रहे नर नारी भागवत दरबार में झूमते नजर आए, सभी को बधाई लुटाई गई, भागवत कथा में वृन्दावन से आए कलाकारों के द्वारा बधाई गायन किया गया। जिसमें नर नारी, युवक युवती झूम कर नाचे । कथा के बाद बाल कृष्ण भगवान की आरती की गई इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया। आज की कथा में भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन एवं गोवर्धन पूजा की कथा का वर्णन किया जाएगा और 56 भोग का प्रसाद लगाया जाएगा।