
The order given by the court in case of poor farmer's land
छतरपुर. एक किसान की बेशकीमती जमीन को जालसाजी कर फर्जी रजिस्ट्री कराने के मामले में कोर्ट ने आदेश दिया है। जेएमफएसी बड़ामलहरा संजय सिंह धाकड़ की कोर्ट ने मामले के फर्जीवाड़े में लिप्त रजिस्ट्री लेखक सहित 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। एडवोकेट लखन राजपूत ने बताया कि भगवां थाना क्षेत्र के तहत घुवारा निवासी परिवादी मंजुआ पाल और नत्थू पाल ने जेएमएफसी बड़ामलहरा की अदालत में एक मामला पेश किया था। जिसमें भूमि खसरा क्रमांक 654/1ख रकवा 0.0037 हेक्टेयर स्थित ग्राम घुवारा परिवादीगण की पैतृक भूमि है। यह जमीन परिवादीगण के पिता भैय्यन पाल के नाम सरकारी अभिलेख में दर्ज है। परिवादीगण के पिता शारीरिक और मानसिक रूप से शिथिल थे। राजाराम खटीक, राजेश खटीक, राकेश खटीक, मनोज खटीक, धमेंद्र खटीक, नरोत्तमदास खरे निवासी घुवारा, मकसूद खान और नंदकिशोर अवस्थी ने षडयंंत्र कर परिवादीगण के पिता को बकरी के पैर टूट जाने के बहाने 22 मार्च 2018 को जबरन जीप में बैठाकर छतरपुर ले गए और फर्जीवाड़ा करके बिना कोई जानकारी दिए रजिस्ट्री करा ली। जबकि घुवारा और बड़ामलहरा सम्पत्तियों के रजिस्ट्रेशन बिजावर रजिस्ट्रार कार्यालय में होते है।
फर्जी तरीके से जमीन की कराई थी रजिस्ट्री
आरोपीगण ने फर्जीवाड़ा करने के आशय से भू अधिकार पुस्तिका पटवारी से बनवाई। उक्त फर्जीवाड़े की जानकारी होने पर परिवादी मंजुआ, नत्थू और उनके पिता भैय्यन पाल ने थाना भगवां व एसपी, कलेक्टर, उक्त पंजीयक कार्यालय सहित विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अनावेदक राजाराम, राजेश, राकेश, मनोज, मनीष, धमेंद्र, नरोत्तमदास, मकसूद खान और रजिस्ट्री लेखक नंदकिशोर अवस्थी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए निर्देशित किया है और मामले में विवेचना कर शीघ्र चालान कोर्ट में पेश करने के लिए भी आदेश दिया।
Published on:
03 Jun 2019 10:00 am
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