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छतरपुर

तीन महीने चली खरीदी प्रक्रिया, लेकिन जिले में पीडीएस की खपत का सिर्फ छह महीने की हुई व्यवस्था

जिले में केवल 18 हजार 382 मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो पाया है। जानकारी के अनुसार समर्थन मूल्य और बाजार मूल्य में अंतर के चलते जिले के 2879 किसानों ने ही गेहूं की बिक्री के लिए सामने आए है।

छतरपुरJul 03, 2024 / 10:54 am

Dharmendra Singh

pds

गेहूं खरीदी

छतरपुर. समर्थन मूल्य पर पिछले तीन माह से जारी गेहूं का उपार्जन की प्रक्रिया बंद हो गई है। सरकारी खरीदी में किसानों के दिलचस्पी नहीं लेने के कारण जिले में केवल 18 हजार 382 मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो पाया है। जानकारी के अनुसार समर्थन मूल्य और बाजार मूल्य में अंतर के चलते जिले के 2879 किसानों ने ही गेहूं की बिक्री के लिए सामने आए है। ऐसे में समर्थन मूल्य पर हुई गेहूं की खरीदी से पीडीएस मध्यान्ह भोजन और आंगनबाड़ी केन्द्रों में सिर्फ छह माह खाद्यान्न उपलब्ध हो पाएगा है। इसके चलते जिले में गेहूं खरीदी का लक्ष्य पूर्ण नहीं हो पाया है। गौरतलब है कि खुले मार्केट में गेहूं का भाव 2500 से लेकर 2600 क्विंटल होने के कारण किसान स्लॉट बुक कराने के बाद भी उपज लेकर खरीदी केन्द्र नहीं पहुंचे।

इन कारणों से पड़ा असर


जिले में गेहूं की सरकारी खरीद प्रभावित होने के पीछे तीन बड़े कारण सामने आए हैं। जानकार बताते हैं कि ऋण चुकाने से बचने के लिए किसानों ने व्यापारियों को सीधे उपज की बिक्री कर नकद भुगतान प्राप्त कर लिया है। इसके साथ ही एमएसपी 2275 और बोनस 125 रुपए से अधिक भाव मार्केट का होने के कारण किसानों ने भाड़े और हम्माली से बचने के लिए व्यापारियों को बेच दिया है। यूपी में व्यापारियों पर किसानों से खरीदी करने पर रोक होने के कारण उन्होंने जिले में घुसपैठ कर गांवों से पूरा स्टॉक खरीद कर दूसरे प्रदेश में ठिकाने से लगा दिया है।

रजिस्ट्रेशन के बाद 32 हजार 752 किसान नहीं आए सामने


समर्थन मूल्य पर गेहूं के उपार्जन के लिए जिले के 35 हजार 631 किसानों ने पंजीयन कराया था। जानकारी के अनुसार पंजीयन कराने के बाद के बाद जिले के 32 हजार 752 किसान गेहूं के उपार्जन के लिए सामने नहीं आए है। इसके साथ ही स्लॉट बुकिंग के बाद भी किसान केन्द्र नहीं पहुंचे। इसी के चलते तीन माह तक से केन्द्र संचालित होने के बाद भी किसानों ने उपार्जन में दिलचस्पी नहीं दिखाई।

फैक्ट फाइल


पंजीयन- 35 हजार 631
स्लॉट बुकिंग- 4123
गेहूं उपार्जन- 2879
मात्रा- 18392 मीट्रिक टन
राशि- 4414 लाख

इनका कहना है


जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं का पंजीयन कराने के बाद भी किसानों के केन्द्र नहीं पहुंचने के कारण उपार्जन का कार्य प्रभावित हुआ है। एमएसपी और मार्केट भाव में अंतर के साथ ही ऋण कटौती से बचने के लिए किसानों ने व्यापारियों को उपज का विक्रय कर दिया है।
सीताराम कोठारे, जिला आपूर्ति अधिकारी

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