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खजुराहो से अजयगढ़ होकर पन्ना तक चलेगी ट्रेन

जबलपुर जोन के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण ने शुक्रवार को किया खजुराहो का दौरापन्ना टाइगर रिजर्व के बफर जोन में 14 किलोमीटर लंबी टनल पर एनओसी में अटक गया था कामनए रुट को लेकर टाइगर रिजर्व ने दी अनापत्ति, रेल लाइन डलने का रास्ता हुआ साफ

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छतरपुर। खजुराहो से अजयगढ़ होकर पन्ना के लिए रेलवे लाइन के नए रुट को लेकर पन्ना टाइगर रिजर्व ने भी अनापत्ति दे दी है। जिसके बाद रेल लाइन निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इसके साथ ही विंध्य एवं बुंदेलखंड को जोडऩे वाली ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन परियोजना के तहत खजुराहो से पन्ना और पन्ना से सतना रेल लाइन निर्माण की कवायद फिर से शुरु हो गई है। पश्चिम मध्य रेलवे जोन जबलपुर के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण राजेश अगर्ल ने गुरुवार को पन्ना और शुक्रवार को खजुराहो का दौरा किया।
इस रुट पर रेल लाइन डालने पर बनी सहमति
वर्ष 2019 के शुरु में रेलवे बोर्ड ने पन्ना-खजुराहो के लिए 47 किमी लंबे रेल मार्ग का सर्वे किया था। इस सर्वे में पन्ना में देश की सबसे बड़ी रेलवे टनल बनाने का प्रस्ताव बनाया गया। 14 किमी लंबी इस सबसे बड़ी टनल को बनाने में खासी रकम और तकनीक की जरूरत को देखते हुए रेलवे ने इस प्रस्ताव पर असहमति जताई। सर्वे के बाद प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया। इस के बाद रेलवे बोर्ड की एक्सपर्ट टीम ने ड्रोन के जरिए रूट नंबर 7 का सर्वे पूरा किया गया। इस नए रूट में खजुराहो से पन्ना की दूरी 72 किमी में तय होगी। नए रास्ते में किसी भी तरह की कोई टनल नहीं बनाई जाएगी। बनहरी के पास केन नदी को पार कर रेलवे लाइन सीधा अजयगढ़ पहुंचेगी। यहां से पहाडिय़ों पर चढ़ते हुए पन्ना तक का सफर तय होगा। इस रूट से पर्यावरण और वन्यजीवों को भी कम से कम नुकसान होने की संभावना है।
नए रुट पर टाइगर रिजर्व प्रबंधन को आपत्ति नहीं
टाइगर रिजर्व के बफर जोन से भी बाहर होने के कारण खजुराहो से अजयगढ़ से पन्ना रूट पर टाइगर रिजर्व प्रबंधन को भी आपत्ति नहीं है। इसके साथ ही रेलवे ने भी इस रास्ते को फाइनल कर दिया है। अंतिम लोकेशन सर्वे के पश्चात इस मार्ग के लिए बजट अनुमोदन का प्रस्ताव भी बनाया गया है। यदि सब ठीक रहा तो जल्द ही इस रूट पर भी काम शुरू होने के आसार है। यहां एक और पन्ना-सतना रेलवे लाइन का काम गति पकड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण के खजुराहो दौरे से इस ट्रैक में भी काम शुरू होने की संभावना बढ़ गई है।
21 साल से लंबित है प्रोजेक्ट
ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन का निर्माण कार्य वर्ष 1997-98 में स्वीकृत किया गया था। इस परियोजना के लिए उस समय 925 करोड़ की लागत अनुमानित की गई थी। जिसमें से खजुराहो महोबा खंड बन चुका है। इसी प्रकार ललितपुर से खजुराहो भी निर्माण पूर्ण हो चुका है। लेकिन खजुराहो से पन्ना एवं पन्ना से सतना तथा रीवा-सीधी सिंगरौली अधूरा है। रेल लाइन के इस खंड के निर्माण को लेकर ही रेलवे ने कवायद तेज कर दी है। जिसके लिए मुख्य प्रशासनिक अधिकारी खजुराहो के दौरे पर हैं।
पन्ना से सतना के बीच भी अड़चन खत्म
ललितपुर-सिंगरौली 542 किमी. लंबे रेल्वे लाइन के पन्ना-सतना रेल खंड की अड़चन भी खत्म हो गई है। इस रेल खंड में करीब 73 किलोमीटर में रेल पटरिया बिछाया जाना है। रेल खंड में सकरिया से पन्ना के बीच पडऩे वाली 100 हेक्टेयर वन भूमि को वन विभाग ने रेलवे को हस्तांतरित कर दिया है। उक्त क्षेत्र में पडऩे वाले जंगल को साफ करने का काम वन विभाग को ही करना है। जिसके लिए जरूरी राशि रेलवे ने वन विभाग को मुहैया भी करा दी है। पुणे की एजेंसी ने काम भी शुरू कर दिया है।
रुट हो गया फायनल
खजुराहो से अजयगढ़ होकर पन्ना के लिए रुट तय हो गया है। इसके निर्माण की कवायद शुरु हो गई है। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण पश्चिम मध्य रेलवे ने शुक्रवार को खजुराहो का दौरा किया है। उनके निर्देशानुसार आगे का काम जल्द ही शुरु किया जाएगा।
एसके रिछारिया, इइ रेलवे

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