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232 किमी लंबे कानपुर से सागर फोरलेन पर 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलेंगे वाहन

कबरई-सागर फोरलेन के जरिए छतरपुर व महोबा कारोबार की राजधानी कानपुर और मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल फोरलेन मार्ग से जुड़ेंगे। 526 किलोमीटर लंबे भोपाल- कानपुर हाइवे में सागर से कानपुर तक 232 किलोमीटर फोरलेन तीन साल में 4290 करोड़ की लागत से बनाने का लक्ष्य है।

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kanpur sagar national highway

कानपुर-सागर नेशनल हाइवे

कभी सडक़ मार्ग के मामले में पिछड़ा माने जाना वाला बुंदेलखंड अब समृद्धि की नई राह पर बढ़ रहा है। छतरपुर जिले में एक फोरलेन बनने के बाद अब दूसरे फोरलेन निर्माण के चरणबद्ध टेंडर की प्रक्रिया कर ली गई है। हालांकि पूर्व से तय समय सीमा 2026 के बजाए 2028 तक फोरलेन बनकर तैयार होगा। कबरई-सागर फोरलेन के जरिए छतरपुर व महोबा कारोबार की राजधानी कानपुर और मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल फोरलेन मार्ग से जुड़ेंगे। 526 किलोमीटर लंबे भोपाल- कानपुर हाइवे में सागर से कानपुर तक 232 किलोमीटर फोरलेन तीन साल में 4290 करोड़ की लागत से बनाने का लक्ष्य है।

ढाई घंटे में सागर से कानपुर, बढ़ेगा व्यापार

फोरलेन आधुनिक हाइवे के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटे रखी जाएगी। इस हाईवे पर यात्रियों की सुरक्षा और सुगमता के लिए कई फ्लाईओवर, अंडरपास और सर्विस रोड बनाए जाएंगे। कानपुर से सागर की वर्तमान दूरी को तय करने में लगभग 7 घंटे लगते हैं। फोरलेन हाइवे के बन जाने के बाद यह दूरी घटकर मात्र ढाई घंटे हो जाएगी। इससे यात्रियों को समय की बचत होगी और यात्रा अधिक आरामदायक होगी। हाइवे का निर्माण दोनों राज्यों के आर्थिक विकास को गति देगा। व्यापारियों और उद्योगों के लिए यह हाइवे एक नया अवसर प्रदान करेगा। विशेष रूप से कृषि क्षेत्र को फायदा होगा, क्योंकि किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर बाजार तक पहुंच मिलेगी। साथ ही, कृषि उत्पादों की आवाजाही तेज और सुलभ होगी।

दो चरणों में खर्च होंगे 2 हजार करोड़

कबरई -सागर फोरलेन के फेज 3 और 4 के टेंडर हो गए हैं। छतरपुर जिले की सीमा में साठिया घाटी से चौका गांव तक तीसरे फेज में और चौका गांव से कैमाहा बैरियर तक चौथे फेज में कुल 98 किलोमीटर लंबे फोरलेन का निर्माण किया जाना है। इन दोनों फेज में करीब 2 हजार करोड़ खर्च किए जाएंगे। तीसरे फेज में 55 किमी लंबा फोरलेन एक हजार 8 करोड़ रुपए और चौथे फेज में 43 किमी लंबी सडक 997 करोड़ रुपए की लागत से बनाई जाएगी। तीसरे फेज का ठेका एमकेसी इंफ्राट्रक्चर और चौथे फेज का ठेका बेलजी कंपनी को मिला है।

फैक्ट फाइल


कानपुर से भोपाल की दूरी- 526 किलोमीटर

कानपुर से सागर की दूरी- 232 किलोमीटर
वाहनों की संख्या प्रतिदिन- 20 हजार

परियोजना की लागत- 4290 करोड़
परियोजना पूर्ण करने का टारगेट वर्ष- 2028

इनका कहना है


यह फोरलेन भारत माता श्रृंखला के अंतर्गत बनाया जा रहा है और इसे 2027-28 तक पूरा कर लिया जाएगा, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र में विकास की नई राह खुलेगी।
देवेंद्र चापेकर, प्रोजेक्ट डायरेक्टर