
आकस्मिक चिकित्सा विभाग
तापमान में अचानक गिरावट दिल और रक्त संचार तंत्र पर सीधा असर डालती है। सर्दियों में कई छोटे-छोटे लक्षण भी बड़े खतरे का संकेत हो सकते हैं। छाती में दबाव, बाएं हाथ या कंधे तक फैलने वाला दर्द, अचानक थकान, सांस फूलना, चक्कर आना और ठंड में पसीना आना जैसे संकेतों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। डॉक्टरों के अनुसार, सर्द मौसम में कई लोग इन लक्षणों को सामान्य कमजोरी समझकर अनदेखा कर देते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है। गुरुवार को जिला अस्पताल में एक दिन में 9 मौतें हार्ट अटैक की वजह से दर्ज हुईं। इन सभी मौतों में ह्रदयगति रुक जाना कारण आया। सभी लोग 50 वर्ष की आयु से अधिक वाले दर्ज हुए हैं।
जिला अस्पताल के डॉ राजकुमार अवस्थी ने बताया कि सर्दियों में शरीर की खून की नसें स्वाभाविक रूप से सिकुड़ जाती हैं। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और दिल पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में पहले से हृदय रोग से पीड़ित लोगों में हार्ट अटैक का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।
ठंड में शरीर को गर्म रखने के लिए दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे ऑक्सीजन की मांग बढ़ जाती है। कमजोर हार्ट वाले लोगों में इस अतिरिक्त मेहनत को संभालने की क्षमता कम होती है, जिसके कारण जोखिम बढ़ जाता है। वहीं कई लोग ठंड में बिना वॉर्म-अप किए भारी काम या स्ट्रेंथ एक्सरसाइज शुरू कर देते हैं। डॉक्टर कहते हैं कि ऐसी स्थिति में दिल पर अचानक दबाव बढ़ता है, जिससे धड़कन अनियमित हो सकती है और अटैक का खतरा बन जाता है।
शरीर को गर्म रखें, ठंडे वातावरण में अचानक न जाएं और नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहें। हाई बीपी, शुगर और कोलेस्ट्रॉल वालों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। वॉर्म-अप के बिना भारी एक्सरसाइज न करें और धूम्रपान से पूरी तरह बचें। किसी भी असामान्य लक्षण—खासकर छाती में दर्द या सांस फूलने—पर तुरंत चिकित्सकीय मदद लें। विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर पहचान और उपचार से सर्दियों में बढ़ते हार्ट अटैक के जोखिम को काफी कम किया जा सकता है।
बीते रोज जिला अस्पताल में एक ही दिन 9 मौतें दर्ज हुईं। जिसमें हार्ट फेलियर की वजह से जान गई। सर्दियों में हार्टअटैक के मामले बढ़ जाते हैं। जरा सी असहजता पर चिकित्सक से जांच करानी चाहिए।
डॉ नीरज सोनी, जिला अस्पताल
Updated on:
29 Nov 2025 10:50 am
Published on:
29 Nov 2025 10:50 am
