छिंदवाड़ा .नेशनल मेडिसिन प्लांट बोर्ड से वनोपज की गुणवत्ता और कीमत बढ़ाने के लिए उपलब्ध कराए गए 16 लाख रुपए के चार सोलर ड्रायर अलग-अलग परिक्षेत्रों में धूल फांक रहे हैं। आने के बाद से अभी तक वन विभाग को इसे उपयोग में लेने की फुर्सत नहीं मिली। एेसा कर एक ओर जहां वन विभाग शासन की वनोपज की कीमत बढ़ाने की मंशा को पलीता लगा रहा है, वहीं दूसरी ओर वनोपज से लाभ की सम्भावनाओं को भी समाप्त कर रहा है।
अधिकारियों को भोपाल से लगातार वनोपज की कीमत बढ़ाने के लिए बाजारों में जाकर मूल्य पता करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। व्यापारी कैसे वनोपज की पैकिंग करता है और कितना लाभ कमाता है। इसकी जानकारी का भी निर्देश मिला है। वनोपज को बेहतर ढंग से सुखाने के लिए सोलर ड्रायर भी उपलब्ध कराया गया है, लेकिन धरातल पर अधिकारियों के अंदाज निराले हैं। उनको अब तक सोलर ड्रायर के उपयोग करने का समय नहीं मिला है। स्थिति ये है कि कुछ स्थानों पर सोलर प्लेट टूट रही हैं।
यहां पहुंचे हैं ड्रायर
पूर्व वनमंडल - भरतादेव, बटकाखापा
पश्चिम वनमंडल - तामिया
दक्षिण वनमंडल - सिल्लेवानी
नहीं हो पा रहा उपयोग
भरतादेव व बटकाखापा में सोलर ड्रायर लगाए गए हैं। अभी इनका उपयोग नहीं हो रहा है।
एसएस उद्दे,डीएफओ पूर्व वनमंडल
आने के समय ही तामिया में सोलर ड्रायर को इंस्टाल किया गया था। इसके बाद से वह वैसे ही पड़ा है।
डॉ. किरण बिसेन, डीएफओ पश्चिम वनमंडल
सिल्लेवानी में सोलर ड्रायर लगाया गया है। अभी इसका उपयोग नहीं हो रही है। जल्द ही शुरू कराया जाएगा।
रविन्द्रमणि त्रिपाठी, डीएफओ दक्षिण वनमंडल