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भिक्षा मांगनेवाले के पास आ गया 30 हजार का बिजली बिल

दो साल पहले 350 रुपए नहीं किए थे जमा, कनेक्शन काटा, फिर पैनाल्टी में बिजली कंपनी ने थमा दिया भारी भरकम बिल

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भिक्षा मांगनेवाले के पास आ गया 30 हजार का बिजली बिल

भिक्षा मांगनेवाले के पास आ गया 30 हजार का बिजली बिल

छिंदवाड़ा.दो साल पहले 350 रुपए का बिजली बिल न पटाना एक गैंगरीन पीडि़त दिव्यांग भिक्षुक को इतना भारी पड़ा कि पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने घर का कनेक्शन काटा, फिर पैनाल्टी समेत 30 हजार रुपए का भारी भरकम बिल थमा दिया। अब उसके घर कुर्क करने की तैयारी की जा रही है। यह भिक्षुक मंगलवार को कलेक्टर जनसुनवाई में रोते हुए पहुंचा। उसकी हालत देखकर दूसरे पीडि़त की आंखों में आंसू आ गए।
ग्राम पीपरढाना का रहनेवाला शिवहरि टांडेकर दोनों पैर में गैंगरीन रोग होने पर वैशाखी के सहारे चलता है। वह कलेक्ट्रेट ऊपरी तल के सभाकक्ष में हो रही जनसुनवाई मेंं पहुंच नहीं पाया। नीचे ही बैठ गया। उसकी पीड़ा देखकर मीडिया कर्मी पहुंचे तो उसने रोकर पूरी स्थिति बताईं।
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कोरोना संक्रमण काल में आया था बिल
शिवहरि ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में लॉक डाउन के समय उसके घर का बिजली बिल 350 रुपए आया था। आर्थिक तंगी से उसने बिल नहीं पटाया। इसके बाद बिजली अधिकारियों ने उसका कनेक्शन काट दिया। तब से अंधेरे में रह रहा है। बिजली कंपनी की पैनाल्टी समेत अन्य चार्ज कुछ तरह बढ़े कि 2023 आते-आते उसका बिजली बिल 30 हजार रुपए पहुंच गया। बिजली कंपनी के अधिकारी उसके घर कुर्क करने और उसे जेल भेजने की बात कर रहे हैं। तीन बार कलेक्ट्रेट आ चुका है। उसके घर में माता-पिता भी दिव्यांग है। गरीबी इस कदर है कि दो जून की रोटी मुश्किल से मिलती है। इसकी हालत की जानकारी दिए जाने पर जनसुनवाई में उपस्थित बिजली कंपनी के प्रतिनिधि अधिकारी देवेन्द्र नागरकर पहुंचे और उसकी व्यथा सुनी।
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कंपनी अधिकारी ने दिया आश्वासन
मीडिया से बातचीत में नागरकर ने कहा कि वे इसकी मैदानी जानकारी बुलाएंगे, तभी कुछ कह पाएंगे। फिलहाल जनसुनवाई से उसे कोई राहत नहीं मिल सकी।
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जोखिम में जान...बारिश में नदी पार कर स्कूल पहुंच रहे बच्चे
जुन्नारदेव विकासखण्ड के ग्राम चिकटबर्री के बच्चों को कन्हान नदी पार कर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। उनकी जान का जोखिम हमेशा बना रहता है। इस समस्या को लेकर ग्रामीण एवं बच्चों का दल जनसुनवाई में पहुंचा। सरपंच, सचिव समेत ग्रामीणों ने बताया कि कन्हान नदी पर पुलिया न बन पाने से हर बारिश में चार माह काम बंद हो जाते हैं। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते। गांव में ही गर्भवती महिला की डिलेवरी करानी पड़ती है। इन बच्चों की हालत अत्यंत खस्ता थी। ये अपनी बात कहते-कहते रोने लगे। उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों से पुलिया निर्माण की मांग की।
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