
चार किमी कच्ची सड़क, कीचड़ से चलना मुश्किल
छिंदवाड़ा. उमरानाला. एक ओर शासन द्वारा सभी गांवों से आने वाली कच्ची सड़कों को पक्का किया जा रहा है उमरानाला नगर के समीपस्थ ग्राम पंचायत तंसरामाल से रैयतवाड़ी पहुंच मार्ग आज तक पक्का नहीं बन पाया है। कच्चे मार्ग से रोजाना बच्चे पैदल आवागमन करते हैं वहीं बारिश के मौसम में सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके है और सड़क पूरी तरह दलदल में तब्दील हो चुकी है जिससे आवागमन करने वाले राहगीरों एवं विद्यार्थियों बहुत दिक्कतों का सामना पड़ रहा है।
इस सड़क की निर्माण के लिए आज तक किसी जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया है। ग्राम रैयतवाड़ी के नागरिकों ने क्षेत्रीय विधायक नानाभाऊ मोहोड़ से मांग की है कि इस मार्ग को तत्काल बनवाया जाए ताकि लोगों को आवागमन में सुविधा हो सके स्कूल आने जाने वाल विद्यार्थियों परेशानियों का सामना न करना पड़़े।
छात्र दीपक धुर्वे, अनिकेत सरयाम ने बताया कि हम पिछले आठ वर्ष से इस सड़क से स्कूल जाते है बारिश के समय इस सड़क से कीचड़ की वजह से गुजरना मुश्किल हो जाता है। बड़ी दिक्कतों का सामना कर स्कूल जाना पड़ता है। वहीं छात्रा सपना परतेती एवं कांति
मर्सकोले ने बताया कि हमारे गांव रैयतवाड़ी से करीब 4 किमी का सफर रोजाना पैदल तय करना पड़ता है। सड़क पर गड्ढे है
जिसकी वजह से हमें पैदल आवागमन करने में बहुत ही असुविधा होती है। सड़क का डामरीकरण होना चाहिए।
ग्राम पंचायत चिखली कला में इन दिनों बीसापुर टाउन से होते हुए सेमाढाना जुनापानी मार्ग खाफी खराब हो चुका है।
ग्रामीणों ने गत दिवस ग्राम पंचायत का घेराव करके जल्द से जल्द रोड निर्माण की मांग रखी। इधर उपसरपंच बबलू गावंडे एवं पंचों ने ग्राम पंचायत जाकर सचिव, सरपंच को इसकी जानकारी दी। यह रास्ते से स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को काफी दिक्कतें हो रही है एवं ग्रामीणों को भी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव की आबादी लगभग 800 होगी तथा रोड कई वर्षों से कच्ची पड़ी है।
ग्रामीणों ने पंचायत जाकर कहा कि कम से कम क्या मुरम ही डल जाए तो स्कूल जाने वाले बच्चों को आने-जाने में काफी सुविधा हो जाएगी। बारिश ज्यादा होने के कारण बच्चे स्कूल नहीं जा पाते है। वर्षों पुरानी इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने विधायक से मांग की एवं अधिकारियों को भी ज्ञापन सौंपा है कि सड़क का निर्माण किया जाए।
जब उपसरपंच, पंच और ग्रामीण पंचायत पहुंचे तो वहां सरपंच नहीं आई थी, सचिव अकेले बैठे थे। ग्रामीणों ने सरपंच को बुलाने का
पूरे प्रयास किए लेकिन वह नहीं आई। इससे ग्रामीण आक्रोशित
हो गए। इसकी शिकायत विधायक भी की है। ग्रामीणों ने इस समस्या से डिप्टी कलेक्टर तक को अवगत करा दिया है। उप सरपंच बबलू गावंडे ने बताया कि इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन में भी
की गई है परंतु अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस ओर कोई भी अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं दे रहे हैं।
Published on:
29 Jul 2018 06:57 pm
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